मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दो अधिकारियों पर एक व्यवसायी से भारी भरकम रकम ऐंठने का गंभीर आरोप लगा है। इन अधिकारियों के खिलाफ पुलिस ने जबरन वसूली और डराने-धमकाने का मामला दर्ज किया है। आरोपी अधिकारी जयपुर स्थित जांच एजेंसी के कार्यालय में तैनात बताए गए हैं।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जयपुर कार्यालय में तैनात असिस्टेंट डायरेक्टर मोहित गर्ग और एनफोर्समेंट ऑफिसर देवेंद्र कुमार गुप्ता के खिलाफ यह कानूनी कार्रवाई की गई है। मुंबई के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में इन दोनों के विरुद्ध पिछले महीने की 31 तारीख को एफआईआर दर्ज की गई थी। यह पूरा घटनाक्रम तब सामने आया जब एक आईटी कंपनी के मालिक ने केंद्रीय एजेंसी के उच्च अधिकारियों को इस अवैध वसूली की पूरी जानकारी दी।
रेड की धमकी देकर मांगे गए थे पांच करोड़
जांच दस्तावेजों के मुताबिक, ये दोनों अधिकारी बीती 20 जुलाई को मुंबई के मलाड पश्चिम क्षेत्र में स्थित व्यवसायी के कार्यालय पहुंचे थे। शुरुआती दौर में उन्होंने केवल एक सामान्य सर्वे करने की बात कही थी, लेकिन बाद में उन्होंने व्यवसायी पर अवैध लेनदेन का झूठा आरोप मढ़ दिया। आरोपियों ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो इस सर्वे को पूर्ण तलाशी अभियान में बदल दिया जाएगा।
शुरुआत में इस मामले को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये की मांग रखी गई थी, जिसे बाद में आपसी बातचीत के जरिए घटाकर दो करोड़ पच्चीस लाख रुपये तय किया गया। व्यवसायी का कहना है कि उसने यह पूरी राशि दो अलग-अलग किश्तों में अदा कर दी थी। हालांकि, बाद में उसे यह अहसास हुआ कि उसके खिलाफ कोई औपचारिक मामला नहीं था क्योंकि एजेंसी की तरफ से आरोपों के समर्थन में कोई भी आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया था।
एजेंसी ने लिया मामले का संज्ञान
व्यवसायी की शिकायत मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय के मुंबई कार्यालय ने इस मामले में पुलिस को आधिकारिक शिकायत भेजी। इसके आधार पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। इसके साथ ही, केंद्रीय एजेंसी ने भी इस घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए पीएमएलए के प्रावधानों के अंतर्गत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है और शिकायतकर्ता से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

