संयुक्त राष्ट्र में कैसे होता है भारतीय राजनयिकों का चयन, जानिए पूरी प्रक्रिया

संयुक्त राष्ट्र में कैसे होता है भारतीय राजनयिकों का चयन, जानिए पूरी प्रक्रिया

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी के रूप में कार्य कर रही पेटल गहलोत की हालिया भूमिका चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा जवाब दिया था, जिससे यह सवाल फिर सामने आया है कि इन पदों पर अधिकारियों का चयन कैसे होता है।

संयुक्त राष्ट्र में कैसे होता है भारतीय राजनयिकों का चयन, जानिए पूरी प्रक्रिया

कैसे बनते हैं भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी

भारतीय विदेश सेवा यानी IFS देश की मुख्य कूटनीतिक सेवा है, जो केंद्रीय सेवाओं के अंतर्गत आती है। इसका मुख्य कार्य देश के बाहरी मामलों को संभालना है, जिसमें कूटनीति, व्यापार और सांस्कृतिक संबंध शामिल हैं। इसके अलावा, विदेश नीति को बनाने और लागू करने की जिम्मेदारी भी इसी सेवा के पास होती है।

यदि कोई उम्मीदवार इस क्षेत्र में जाना चाहता है, तो उसे संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की कठिन परीक्षा पास करनी होती है। इस चयन प्रक्रिया में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों को आधार बनाया जाता है।

चयन और पोस्टिंग की प्रक्रिया

UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद उम्मीदवार अपनी वरीयता के आधार पर भारतीय विदेश सेवा का चयन कर सकते हैं। रैंक और वरीयता के आधार पर आवंटन के बाद इन अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है।

प्रशिक्षण और चयन के पश्चात इन अधिकारियों की तैनाती दुनिया भर में स्थित लगभग 160 भारतीय दूतावासों और मिशनों में की जाती है। इसके साथ ही इन्हें संयुक्त राष्ट्र, यूनेस्को, विश्व बैंक और सार्क जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भी भेजा जाता है। विदेश में राजनयिक जिम्मेदारियों के अलावा ये अधिकारी देश के भीतर पासपोर्ट और वीजा अधिकारी के रूप में भी सेवाएं देते हैं।

Anju Kunwar

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