फरीदाबाद के सीही गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ रविवार शाम को तीन साल की एक मासूम बच्ची खुले बोरवेल में जा गिरी। लगभग दस घंटे तक चले मैराथन बचाव अभियान के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने बच्ची को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

कैसे हुआ यह हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीही गांव में नगर निगम की जमीन पर बने पुराने ट्यूबवेल परिसर के पास यह घटना हुई। रविवार शाम को नेहा अन्य बच्चों के साथ वहां खेल रही थी। परिसर में खड़े एक ट्रैक्टर पर चढ़कर खेलते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह पास ही खुले पड़े लगभग 250 फीट गहरे बोरवेल में जा गिरी। बच्ची के गिरते ही वहां मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग और बच्ची के पिता मौके पर पहुंचे।
दस घंटे चला कठिन बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन तुरंत हरकत में आया और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा सिविल डिफेंस की टीमों को मौके पर बुलाया गया। अंधेरा होने के कारण घटनास्थल पर रोशनी के विशेष इंतजाम किए गए और कैमरे की मदद से बच्ची की स्थिति पर नजर रखी गई। अधिकारियों के अनुसार, बोरवेल के अंदर करीब 125 फीट की गहराई पर गंदा पानी भरा हुआ था और बच्ची 200 फीट से अधिक नीचे फंसी थी। तमाम कोशिशों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल जब तक उसे बाहर निकाल पाया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
प्रशासनिक जांच और लापरवाही के पहलू
स्थानीय अधिकारियों और नगर निगम के बयानों के मुताबिक, यह बोरवेल करीब 15 साल पहले बंद किया गया था और इसे ढक्कन से सुरक्षित किया गया था। हालांकि, शुरुआती पड़ताल में सामने आया कि घटनास्थल की चारदीवारी टूटी हुई थी और बोरवेल के ऊपर लगा पाइप का हिस्सा कुछ दिन पहले ही किसी द्वारा हटा लिया गया था, जिससे वह खुला रह गया था। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की पूरी जांच की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

