कनाडा के व्यापार मंत्री इस महीने लगभग 300 सदस्यीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत का दौरा करने जा रहे हैं। इस उच्चस्तरीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ावा देना और विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में नए व्यावसायिक अवसरों की तलाश करना है। यह कदम दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में कनाडाई कंपनियों की पहुंच को आसान बनाने के लिए उठाया जा रहा है।

व्यापार वार्ताओं की प्रगति और आगामी बैठकें
कनाडा के व्यापार मंत्री मनदीप सिद्धू ने हाल ही में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को लेकर चल रही वार्ताओं की विस्तृत समीक्षा की। दोनों पक्षों ने इन वार्ताओं में तेजी लाने और इस साल के अंत तक समझौते को अंतिम रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। वार्ताओं का अगला दौर निर्धारित बैठकों के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत ओटावा में होनी है। मुंबई में चौथे दौर की बातचीत समाप्त होने के बाद दोनों मंत्रियों ने जी20 के दौरान भी मुलाकात की थी ताकि आगामी वार्ताओं को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके।
व्यापारिक लक्ष्य और 2030 का विजन
भारत और कनाडा ने इस साल मार्च में एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की घोषणा की थी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाकर 70 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। वर्तमान समय में दोनों देशों के बीच दोतरफा व्यापार 30 अरब कनाडाई डॉलर से अधिक का है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार और निवेश के मोर्चे पर विकास की अभी काफी संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें इन समझौतों के माध्यम से हासिल किया जा सकता है।
प्रमुख क्षेत्र और प्रतिनिधिमंडल की प्राथमिकताएं
इस आगामी व्यापार मिशन में कृषि, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े लगभग 300 कनाडाई प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन सभी क्षेत्रों में कनाडा को वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी देश माना जाता है। इस व्यापक पहल का उद्देश्य कनाडाई कंपनियों को भारत में नए साझेदार खोजने, ग्राहकों से जुड़ने और तेजी से आगे बढ़ रहे इस बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सहायता प्रदान करना है।

