दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) प्रशासन ने परिसरों, विभागों और हॉस्टलों में छात्राओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत कैंपस के अंधेरे रास्तों की पहचान कर वहां नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी और खराब लाइटों की तुरंत मरम्मत की जाएगी।

अंधेरे रास्तों पर रोशनी और सीसीटीवी की व्यवस्था
विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रोफेसर मनोज सिंह की अध्यक्षता में हुई एक ऑनलाइन बैठक में कॉलेज के प्रधानाचार्यों, डीन, निदेशकों और हॉस्टल अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में यह निर्देश दिए गए कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें। जिन इलाकों में रोशनी कम है या अंधेरा रहता है, वहां अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी और जरूरत के हिसाब से नए सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा रोशनी में बाधा बनने वाली पेड़ों की शाखाओं को भी छांटा जाएगा।
आत्मरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस के सहयोग से जेंडर सेंसिटाइजेशन कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही छात्राओं के लिए सात दिवसीय आत्मरक्षा क्रैश कोर्स का आयोजन होगा, जिससे वे खुद का बचाव करने के गुर सीख सकें। परिसरों में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े हेल्पलाइन नंबर 1091 और 112 को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस गश्त और भवनों का निरीक्षण
कॉलेजों और हॉस्टलों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। रणनीतिक स्थानों पर पुलिस निगरानी टीमों को तैनात करने और महिलाओं की सहायता के लिए पिंक बूथों की संख्या बढ़ाने तथा वामिका पुलिस वैन प्रणाली में सुधार करने के सुझाव दिए गए हैं। साथ ही इंजीनियरिंग विभाग के समन्वय से कॉलेज और हॉस्टल की इमारतों की स्थिति की जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी मरम्मत कार्य को समय पर पूरा किया जा सके।

