कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद अंतिम मतदाता सूची आधिकारिक तौर पर जारी कर दी गई है। इस पूरी प्रक्रिया के परिणामस्वरूप राज्य के मतदाताओं की कुल संख्या में लगभग 99.76 लाख की कमी आई है, जिससे अब कुल पंजीकृत मतदाताओं का आंकड़ा करीब 4.54 करोड़ रह गया है।

मतदाता सूची में क्यों आई कमी?
समीक्षा प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 5.5 करोड़ थी। जांच और सत्यापन के दौरान अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट और अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले नामों को हटाया गया। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा उन लोगों का था जिन्हें अन्य स्थानों पर स्थायी रूप से स्थानांतरित माना गया था। जांच के विभिन्न चरणों और नोटिस प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची को तैयार किया गया है।
विभिन्न आयु वर्ग और महिला मतदाताओं की स्थिति
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक में 30 से 39 वर्ष की आयु के नागरिकों की संख्या सबसे अधिक है, जिनके अंतर्गत लगभग 1.02 करोड़ मतदाता आते हैं। इसके अलावा, 20 से 29 आयु वर्ग के करीब 86.56 लाख मतदाता सूची में शामिल हैं तथा नए मतदाताओं की संख्या 6.83 लाख दर्ज की गई है। खास बात यह है कि राज्य में महिला मतदाताओं की कुल संख्या पुरुष मतदाताओं की तुलना में चार लाख अधिक है।
मुख्य बिंदु:
- एसआईआर प्रक्रिया के बाद कुल मतदाता घटकर लगभग 4.54 करोड़ हुए।
- सूची से बाहर किए गए लोगों में स्थानांतरित और मृत श्रेणी के नाम शामिल थे।
- महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से चार लाख अधिक है।

