पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में विधानसभा में दिए गए अपने बयान में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा तंज कसा। उन्होंने विधानसभा में कहा कि इस उम्र में अब चुनाव नहीं लड़ना चाहिए और यह उनके लिए आराम करने का समय है। इस दौरान उन्होंने नंदिता और रजीनगर के दो नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह का भी जिक्र किया।

विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यकों के मतदान रुख पर बात करते हुए दावा किया कि भाजपा को लेकर जो सांप्रदायिक होने की धारणा थी, वह अब बदल रही है। उन्होंने कहा कि रेजीनगर चुनाव में भाजपा को समर्थन मिला है और सरकार समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत महिलाओं को मिल रहे लाभों का भी उल्लेख किया।
अधिकारियों ने दिए सीआईडी जांच के आदेश
इस बीच, विधानसभा में विपक्ष के नेता रताब्रत बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग के पास जमा किए जाने वाले दस्तावेजों और शपथ पत्रों को ले जा रहे ट्रक को कथित तौर पर लूटने या छीनने के प्रयासों को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत या एफआईआर दर्ज कराई जाती है, तो राज्य सरकार सीआईडी जांच के आदेश देगी। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के मामले में सरकार कोई ढिलाई नहीं बरतेगी।
चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी नाम और प्रतीक का विवाद
दूसरी ओर, चुनाव आयोग द्वारा मूल पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर निर्णय लेने की प्रक्रिया के तहत दोनों गुटों से हलफनामे मांगे गए हैं। ममता बनर्जी नीत गुट और रताब्रत बनर्जी नीत डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के बीच चल रहे इस विवाद ने राज्य के सियासी माहौल को और गरमा दिया है। दोनों पक्षों के बीच बयानों का दौर लगातार जारी है।

