कर्नाटक में अस्पतालों के बिल और दवाओं के दाम नियंत्रित करने की तैयारी

कर्नाटक में अस्पतालों के बिल और दवाओं के दाम नियंत्रित करने की तैयारी

कर्नाटक सरकार ने निजी अस्पतालों में अत्यधिक मेडिकल बिलिंग, दवाओं के अधिक दाम और इलाज की लागत में पारदर्शिता लाने के लिए व्यापक कदम उठाने की योजना बनाई है। मरीजों से मिल रही शिकायतों और बीमा कवर से अधिक खर्च होने की स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन ने यह फैसला लिया है।

कर्नाटक में अस्पतालों के बिल और दवाओं के दाम नियंत्रित करने की तैयारी

अस्पतालों में दरों का प्रदर्शन और नए नियम

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अस्पतालों को अपने रिसेप्शन काउंटर पर प्रमुख मेडिकल प्रक्रियाओं की दरों को बड़े और स्पष्ट बोर्डों पर प्रदर्शित करना होगा। चूंकि अस्पतालों में चार हजार से अधिक प्रकार की प्रक्रियाएं होती हैं, इसलिए अन्य उपचारों की कीमतें एक रजिस्टर में दर्ज रखी जाएंगी। इसके अलावा, सरकार कुछ चुनिंदा उपचारों के लिए मूल्य सीमा तय करने पर भी विचार कर रही है ताकि मरीजों को राहत मिल सके।

दवाओं की कीमतों और मुनाफे पर नजर

सरकार उन मामलों की भी जांच कर रही है जहां कम कीमत पर मिलने वाली दवाइयां और इंजेक्शन मरीजों को कई गुना अधिक दामों पर बेचे जाते हैं। कैंसर, हृदय रोग और किडनी के इलाज में होने वाले भारी खर्च को लेकर विशेष चिंता जताई गई है, क्योंकि इससे कई मरीजों को अपनी जेब से बड़ी रकम चुकानी पड़ती है। प्रशासन इस संबंध में दवा निर्माताओं और वितरकों के साथ बैठक कर मुनाफे के मार्जिन की समीक्षा करने की योजना बना रहा है।

कर्नाटक में अस्पतालों के बिल और दवाओं के दाम नियंत्रित करने की तैयारी

कानूनी प्रक्रिया और उच्च न्यायालय का रुख

इससे पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा एक सर्कुलर जारी किया गया था, जिसमें अस्पतालों को दवाओं और उपकरणों के खरीद मूल्य, अधिकतम खुदरा मूल्य और बिल की गई कीमत का खुलासा करने को कहा गया था। हालांकि, निजी अस्पताल संघों द्वारा इसका विरोध किए जाने के बाद सरकार ने अदालत में स्पष्ट किया कि वह इस मामले की फिर से समीक्षा करेगी और अगली सुनवाई तक इसके अनुपालन पर जोर नहीं दिया जाएगा।

Anju Kunwar

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