चक्रवात मुरासु का गंभीर असर: आंध्र प्रदेश में स्कूल बंद, उड़ानें रद्द और कई राज्य हाई अलर्ट पर

चक्रवात मुरासु का गंभीर असर: आंध्र प्रदेश में स्कूल बंद, उड़ानें रद्द और कई राज्य हाई अलर्ट पर

भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने के कारण देश के कई तटीय राज्यों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, इस चक्रवात के नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट को पार करने की संभावना है। इस दौरान भारी बारिश और 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते प्रशासन ने एहतियातन कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

चक्रवात मुरासु का गंभीर असर: आंध्र प्रदेश में स्कूल बंद, उड़ानें रद्द और कई राज्य हाई अलर्ट पर

उड़ान सेवाएं और शिक्षण संस्थान प्रभावित

चक्रवात के तटीय इलाकों के करीब पहुंचने की वजह से विमान सेवाओं पर भी इसका भारी असर पड़ा है। विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और तिरुपति हवाई अड्डों पर कुल 19 घरेलू उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। विजयवाड़ा हवाई अड्डे के निदेशक एम. लक्ष्मी कांता रेड्डी के अनुसार, इंडिगो और एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें इस सूची में शामिल हैं। इसके अलावा विशाखापत्तनम और तिरुपति हवाई अड्डों पर भी उड़ानें रद्द की गई हैं। चेन्नई हवाई अड्डा प्रशासन ने भी यात्रियों को अपनी संबंधित एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी है। सुरक्षा और एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों और कॉलेजों को भी बंद रखा गया है, ताकि छात्रों और नागरिकों को किसी भी प्रकार की जोखिम भरी स्थिति से बचाया जा सके। चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लुर जिलों में लगातार बारिश के चलते सोमवार को स्कूल बंद रखे गए।

तटीय राज्यों में राहत और बचाव दल तैनात

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है, क्योंकि दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रॉयलसीमा क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश तथा तेज हवाओं का अनुमान है। राज्य के ऊर्जा विभाग ने बिजली कंपनियों को भी सतर्क किया है ताकि बिजली के बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और आपूर्ति सुचारू रखी जा सके। स्थिति से निपटने के लिए पड़ोसी राज्यों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। तमिलनाडु ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की तीन टीमें और बिजली विभाग की 25 टीमें जरूरी उपकरणों के साथ भेजी हैं। कर्नाटक ने भी बिजली के बुनियादी ढांचे को बहाल करने के लिए 500 कुशल कर्मी भेजने की घोषणा की है।

ओडिशा में भी व्यापक तैयारियां

ओडिशा ने भी संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम तेज कर दिया है। राज्य के दक्षिणी जिलों जैसे गंजाम, गजपति, रायगडा, कोरापुट और मलकानगिरी में भारी बारिश की आशंका के बीच जिला कलेक्टरों को सतर्क कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के अनुसार, राज्य में एनडीआरएफ, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स और फायर सर्विस की 300 से अधिक बचाव टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात के पूरी तरह से तट को पार कर लेने के बाद ही बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है।

Anju Kunwar

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