प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों के साथ रविवार को दीपावली का पर्व मनाया। कभी नक्सलवाद का गढ़ रहे इस क्षेत्र में जवानों के योगदान को सराहते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर से नक्सलवाद के पूरी तरह खत्म होने के बाद यह पहली दिवाली है।

नक्सलवाद के खात्मे पर ऐतिहासिक प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि देश ने दशकों पुराने माओवादी आतंक के खिलाफ एक निर्णायक जीत हासिल कर ली है और आज देश का हर जिला नक्सल मुक्त हो चुका है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर बात करते हुए कहा कि 2014 के बाद आई मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण सुरक्षा बलों को सही दिशा और रणनीतिक समर्थन मिला।
सुरक्षा बलों के पराक्रम और शून्य शहादत का जिक्र
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 47 वर्षों के इतिहास में यह पहला मौका है जब बीते एक साल के दौरान ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ के किसी भी जवान की जान नहीं गई। उन्होंने पुराने समय के हालातों को याद करते हुए कहा कि एक दौर था जब साल भर में दो हजार तक नक्सली हमले होते थे और सुरक्षाकर्मियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। सही नीतियों और जवानों के शौर्य के बल पर आज आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है।
जवानों के साथ त्योहार मनाने की परंपरा
वर्ष 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों के बीच जाकर दीवाली मनाने की अपनी परंपरा निभाते आ रहे हैं। इस बार बस्तर में जवानों के साथ पर्व मनाते हुए उन्होंने देश के सभी सुरक्षाकर्मियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और उनके निस्वार्थ त्याग की प्रशंसा की।

