एलपीजी सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य, 1 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम

एलपीजी सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य, 1 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम

सरकार ने घोषणा की है कि घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को रियायती दरों पर रसोई गैस सिलेंडर बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा करना होगा। यह नया नियम आगामी 1 अक्टूबर से लागू किया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सब्सिडी का लाभ केवल पात्र परिवारों तक ही पहुंचे।

एलपीजी सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य, 1 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में अब तक 27.43 करोड़ से अधिक सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ता अपनी बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। जिन उपभोक्ताओं ने यह औपचारिकता पहले ही पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा कुछ करने की आवश्यकता नहीं है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, वे प्रमाणीकरण पूरा करने के बाद रियायती रिफिल बुकिंग कर सकेंगे।

इस कदम का मुख्य उद्देश्य

इस अनिवार्य प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक और औद्योगिक उपयोग के लिए डायवर्जन को रोकना है। इसके साथ ही, इसका मकसद डुप्लीकेट और अयोग्य कनेक्शनों की पहचान करके उन्हें समाप्त करना भी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर महीने में 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर अनुमानित सब्सिडी लगभग 210 रुपये थी।

प्रमाणीकरण की प्रक्रिया और विकल्प

उपभोक्ता एलपीजी डिलीवरी के दौरान, अपने वितरक के शोरूम पर जाकर या तीनों सरकारी तेल विपणन कंपनियों के मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से प्रमाणीकरण पूरा कर सकते हैं।

  • इंडेन: इंडियनOil ONE ऐप
  • भारत गैस: HelloBPCL ऐप
  • एचपी गैस: HP PAY ऐप

जो उपभोक्ता बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं कराना चाहते या असमर्थ हैं, वे बिना सब्सिडी के लागू बाजार मूल्य पर एलपीजी प्राप्त करना जारी रख सकते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को डिजिटल चैनलों, जैसे वेबसाइट, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप चैटबॉट और IVRS के माध्यम से अपनी पसंद दर्ज करानी होगी।

Anju Kunwar

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