नेपाल की आपदा के बाद अरुणाचल में चेतावनी, तवांग की सात झीलें रडार पर

नेपाल की आपदा के बाद अरुणाचल में चेतावनी, तवांग की सात झीलें रडार पर

नेपाल में हाल ही में आई अचानक बाढ़ के बाद सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन ने अरुणाचल प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी है। तवांग जिले के मागो क्षेत्र में सात ऐसी ग्लेशियल झीलों की पहचान की गई है, जिनके फटने से निचले इलाकों में गंभीर बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।

नेपाल की आपदा के बाद अरुणाचल में चेतावनी, तवांग की सात झीलें रडार पर

तवांग जिले में सात संवेदनशील ग्लेशियल झीलें चिन्हित

नेपाल की आपदा के मद्देनजर एहतियात के तौर पर अरुणाचल प्रदेश में विशेष चौकसी बरती जा रही है। इसी क्रम में तवांग जिले के मागो इलाके में बर्फ से बनी सात झीलों की विशेष रूप से पहचान की गई है। अधिकारियों के अनुसार, ये झीलें भौगोलिक स्थिति और जलस्तर के कारण नीचे की बस्तियों के लिए जोखिम भरी साबित हो सकती हैं।

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का जागरूकता अभियान

संभावित खतरे को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्थानीय समुदायों के लिए एक व्यापक जागरूकता और प्रशिक्षण अभियान का आगाज किया है। इस विशेष अभियान की शुरुआत मागो गांव से की गई है, जहां उन क्षेत्रों पर मुख्य रूप से जोर दिया गया है जो अत्यधिक जोखिम के दायरे में आते हैं।

डूरी गांव और सैन्य शिविर पर विशेष ध्यान

इस जागरूकता कार्यक्रम के तहत डूरी गांव और वहां स्थित भारतीय सेना के कैंप जैसे संवेदनशील इलाकों को प्राथमिकता दी गई है। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान स्थानीय निवासियों और जवानों को इन खतरनाक झीलों की सटीक स्थिति, उनकी ऊंचाई और बस्तियों से उनकी दूरी के बारे में विस्तृत जानकारी मुहैया कराई गई है।

आपातकालीन तैयारियों की जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान लोगों को समझाया गया कि यदि ये ग्लेशियल झीलें अचानक फट जाती हैं, तो किस प्रकार के खतरे उत्पन्न हो सकते हैं। इसके अलावा, निचले इलाकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों और यदि ऐसी कोई आपदा आती है, तो बाढ़ के पानी को बस्तियों तक पहुंचने में लगने वाले संभावित समय के बारे में भी पूरी जानकारी दी गई ताकि समय रहते सतर्कता बरती जा सके।

Anju Kunwar

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