उत्तर बंगाल के बंद चाय बागानों के श्रमिकों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा

उत्तर बंगाल के बंद चाय बागानों के श्रमिकों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा

उत्तर बंगाल के आठ बंद चाय बागानों से जुड़े लगभग 7,746 श्रमिकों को दुर्गा पूजा से पहले वित्तीय सहायता योजना के तहत भत्ते दिए जाएंगे। पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी संबंधित श्रमिकों के लिए बीस प्रतिशत बोनस का निर्देश भी जारी कर दिया है, जिससे इन परिवारों को त्योहार के समय बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

उत्तर बंगाल के बंद चाय बागानों के श्रमिकों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा

बंद चाय बागानों के श्रमिकों को मिलेगा लाभ

क्षेत्र के कई चाय बागान बंद होने के कारण श्रमिकों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया था और वे अपने परिवारों के भरण-पोषण को लेकर चिंतित थे। इस घोषणा के बाद दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों के बंद बागानों के श्रमिकों को फायदा पहुंचेगा। जानकारी के अनुसार, दार्जिलिंग के दो, जबकि अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी के तीन-तीन बंद चाय बागानों के श्रमिक इस दायरे में आएंगे।

प्रमुख चाय बागान और आवंटन विवरण

एफएडब्ल्यूएलआई योजना के तहत विभिन्न बागानों के श्रमिकों को यह सहायता राशि प्रदान की जाएगी:

  • सिंथम टी एस्टेट के 850 और पेशोक टी एस्टेट के 573 श्रमिक (दार्जिलिंग)
  • बांदापानी टी एस्टेट के 1,140, रायमातांग के 1,257 और कलचिनी टी एस्टेट के 2,003 श्रमिक (अलीपुरद्वार)
  • अंबारी टी एस्टेट के 1,224, रेड बैंक टी एस्टेट के 513 और सुरेंद्रनगर टी एस्टेट के 186 श्रमिक (जलपाईगुड़ी)

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प्रधानमंत्री प्रोत्साहन योजना से पुनरुद्धार

अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, बंद चाय बागानों को फिर से शुरू करने और उनके पुनरुद्धार के लिए प्रधानमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत बड़ी राशि का उपयोग किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इन इलाकों का विकास करना और श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कदम उठाना है। स्थानीय श्रमिकों ने भी इस सकारात्मक पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे भविष्य में उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

Anju Kunwar

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