उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के देहरादून स्थित कार्यालय पहुंचे। उन्हें वर्ष 2016 के एक मामले से जुड़ी जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इस दौरान कांग्रेस नेता अपने साथ अपनी मां की तस्वीर लेकर पहुंचे, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

सोशल मीडिया पर साझा की थी जानकारी
ईडी कार्यालय जाने से पहले हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि वह अपनी मां, मां जगदंबा और धरती माता का स्मरण करके तथा उनका आशीर्वाद लेकर ईडी कार्यालय पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी को भी अपने साथ आने के लिए नहीं बुलाया था और वह अकेले ही वहां पहुंचे। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि ईडी ने उन्हें बुलाया है, इसलिए वह वहां पहुंचे हैं।
जांच और राजनीतिक बयानबाजी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी की यह पूछताछ साल 2016 की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के सिलसिले में की जा रही है। जांच एजेंसी ने इस मामले में पहले अन्य परिसरों पर भी कार्रवाई की थी तथा आयकर रिटर्न और परिवार की संपत्तियों से जुड़ी जानकारियां मांगी हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया जाना अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं होता है।

ईडी कार्यालय पहुंचने के दौरान हरीश रावत ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावों से पहले इस प्रकार की कार्रवाई का दौर शुरू हो जाता है। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को अपनी मुख्य ताकत बताया और कहा कि इस तरह के मामलों की सच्चाई समय के साथ सामने आ जाती है।

