हेल्दी एजिंग के लिए कोई एक डाइट नहीं, कई पौष्टिक विकल्प हैं बेहतर

हेल्दी एजिंग के लिए कोई एक डाइट नहीं, कई पौष्टिक विकल्प हैं बेहतर

उम्र बढ़ने के साथ सेहतमंद रहने के लिए किसी एक खास डाइट पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। हाल ही में सामने आए शोध बताते हैं कि कई तरह के पौष्टिक खान-पान के पैटर्न बढ़ती उम्र के असर को धीमा करने में मददगार होते हैं। खान-पान की आदतों को लेकर अक्सर लोगों को अलग-अलग सलाह मिलती है, जिससे यह सवाल उठता है कि इनमें से कौन सा विकल्प सबसे बेहतर है।

हेल्दी एजिंग के लिए कोई एक डाइट नहीं, कई पौष्टिक विकल्प हैं बेहतर

शोध में सामने आए नए तथ्य

यूके के एक वैज्ञानिक जर्नल में प्रकाशित जर्मन शोधकर्ताओं के अध्ययन के अनुसार, विभिन्न प्रकार के स्वस्थ खान-पान के पैटर्न डीएनए पर अलग प्रभाव जरूर डालते हैं, लेकिन वे सभी उन जैविक रास्तों को सक्रिय करते हैं जो सूजन को कम करने और मेटाबॉलिज्म को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। किसी भी स्वास्थ्यवर्धक खान-पान को अपनाने का सीधा संबंध जैविक उम्र बढ़ने की रफ्तार को धीमा करने से पाया गया है। इसके विपरीत, अस्वास्थ्यकर खान-पान उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है।

हेल्दी एजिंग के लिए कोई एक डाइट नहीं, कई पौष्टिक विकल्प हैं बेहतर

पारंपरिक जीवनशैली और खान-पान

विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर जीवनशैली के लिए कोई जादुई फार्मूला नहीं होता है। दीर्घायु और लचीलेपन के लिए यह आवश्यक है कि रिफाइंड या प्रोसेस्ड फूड और अतिरिक्त चीनी से दूरी बनाई जाए, तथा प्राकृतिक खाद्य पदार्थों, स्वस्थ वसा और पौधों से मिलने वाले आहार को प्राथमिकता दी जाए। अपने बुजुर्गों और पूर्वजों की खान-पान की आदतों तथा जीवनशैली के करीब रहना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। जब तक भोजन पौष्टिक और प्राकृतिक रहता है, व्यक्ति अपनी पसंद और परंपरा के अनुसार खान-पान का चुनाव कर सकता है।

Anju Kunwar

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