निजी क्षेत्र के आरबीएल बैंक को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिकारियों की ओर से एक महत्वपूर्ण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के कथित रूप से गलत तरीके से लाभ उठाने के मामले से संबंधित है। बैंक ने नियामक को दी गई सूचना में इस बात की जानकारी साझा की है कि इस नोटिस में ब्याज और जुर्माने की राशि को शामिल करते हुए भारी-भरकम जीएसटी मांग का प्रस्ताव रखा गया है।

जीएसटी मांग और डिजिटल बैंकिंग से जुड़ा मामला
नियामक फाइलिंग के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिकारियों द्वारा भेजे गए इस नोटिस में कुल 1,73,08,68,535 रुपये की मांग का प्रस्ताव है। यह पूरा मामला बैंक के डिजिटल बैंकिंग व्यवसाय खंड के लिए प्राप्त किए गए एक अलग जीएसटी पंजीकरण के अंतर्गत बैंक द्वारा उठाए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ा हुआ है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि वे इस नोटिस की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं और निर्धारित नियमों के तहत इसका उचित जवाब तैयार किया जा रहा है।
बैंक का पक्ष और पिछले मामलों का अनुभव
आरबीएल बैंक ने स्पष्ट किया है कि उसके पास इस नोटिस को चुनौती देने के लिए पर्याप्त और मजबूत आधार मौजूद हैं। बैंक का यह आत्मविश्वास इस बात पर भी आधारित है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 और 2019-20 के दौरान ठीक इसी तरह के एक अन्य मामले में जीएसटी अधिकारियों की तरफ से बैंक के पक्ष में अनुकूल आदेश मिल चुके हैं। इन्हीं पुराने अनुभवों और वर्तमान आकलन को ध्यान में रखते हुए, बैंक का मानना है कि इस नोटिस की वजह से उसकी वित्तीय स्थिति, दैनिक संचालन या फिर मुनाफे पर कोई भी प्रतिकूल या बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर शेयरों की स्थिति
जीएसटी से जुड़े इस कारण बताओ नोटिस की खबर सामने आने के बाद बाजार की प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर कारोबार के दौरान आरबीएल बैंक के शेयर अपने पिछले बंद भाव के मुकाबले 0.63 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 404.55 रुपये के स्तर पर बंद हुए। बैंक की तरफ से यह भी बताया गया है कि वह समय सीमा के भीतर राज्य के जीएसटी प्राधिकरण के समक्ष अपना आधिकारिक जवाब प्रस्तुत करेगा।

