सितंबर के महीने में ऊर्जा बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां ओमान अमेरिका को पछाड़कर भारत का सबसे बड़ा एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) आपूर्तिकर्ता बन गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान भारत ने ओमान से 5,85,000 टन एलएनजी का आयात किया, जो पिछले महीने यानी अगस्त की तुलना में 11.6 प्रतिशत अधिक है।

अन्य देशों की स्थिति और आंकड़े
आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में भारत का कुल एलएनजी आयात महीने-दर-महीने 14 प्रतिशत घटकर लगभग 21 लाख टन से अधिक रहा, जबकि इससे पहले अगस्त में यह आंकड़ा 25 लाख टन था। नाइजीरिया ने 3,51,000 टन एलएनजी की आपूर्ति के साथ दूसरा सबसे बड़ा स्थान हासिल किया, हालांकि पिछले महीने की तुलना में इसमें 35 प्रतिशत की कमी आई। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 3,11,000 टन और अंगोला ने 2,05,000 टन एलएनजी का निर्यात किया।
अमेरिका और कतर की स्थिति में गिरावट
अगस्त के महीने में अमेरिका 8,48,000 टन के साथ एलएनजी निर्यातकों की सूची में सबसे ऊपर था, लेकिन सितंबर में उसके निर्यात में 59 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे वह फिसलकर तीसरे स्थान पर पहुंच गया। वहीं, कतर, जो कभी भारत का सबसे प्रमुख एलएनजी आपूर्तिकर्ता हुआ करता था और जिसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत थी, सितंबर में मात्र 94,000 टन की आपूर्ति के साथ छठे स्थान पर रहा।
प्राकृतिक गैस की उपयोगिता और आयात जरूरतें
प्राकृतिक गैस का उपयोग फर्टिलाइजर के उत्पादन, बिजली बनाने और शहरी परिवहन व्यवस्था में मुख्य रूप से किया जाता है। भारत अपनी कुल एलएनजी आवश्यकताओं का लगभग आधा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बाद से भारत ने विभिन्न देशों से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के आयात में विविधता लाई है, जिसे विशेषज्ञों ने ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक सकारात्मक कदम बताया है।

