अमेरिका ने ईरान के पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार में कथित संलिप्तता के कारण मुंबई की दो कंपनियों और पांच भारतीय नागरिकों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कार्रवाई वाशिंगटन द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत की गई है।

प्रतिष्ठानों और व्यक्तियों पर कार्रवाई
अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान से पेट्रोलियम उत्पादों के आयात को सुगम बनाने के आरोप में एसएसएलपी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और समुद्र मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को अपने निशाने पर लिया है। इसके साथ ही इन कंपनियों से जुड़े पांच व्यक्तियों को भी प्रतिबंधित किया गया है।
एसएसएलपी सॉल्यूशंस से जुड़े ध्वनि और निसर्ग वोरा तथा समुद्र मरीन सर्विसेज से जुड़े केतन कोछिकर, भूपेंद्रसिंह साहू और हरिश्याम हरिहरण चुंडाकट्टिल पर अपनी-संबद्ध कंपनियों से संबंधित किसी भी तरह के लेन-देन करने पर रोक लगा दी गई है।
लाखों डॉलर के वित्तीय लेन-देन का आरोप
अमेरिकी आधिकारिक बयान के अनुसार, इन संस्थाओं ने ईरानी शासन को लाखों डॉलर की राशि पहुंचाई, जिससे उसे अपने सबसे महत्वपूर्ण राजस्व स्रोतों में से एक को मजबूत करने और अपनी गतिविधियों को जारी रखने में मदद मिली। अमेरिकी सरकार इस व्यापार से जुड़े खरीदारों और विक्रेताओं दोनों पर प्रतिबंध लगा रही है।
इस बीच, अमेरिकी अधिकारियों ने समुद्र मरीन सर्विसेज को अपने मौजूदा व्यावसायिक कार्यों को सुरक्षित रूप से समाप्त करने के लिए एक निश्चित समय सीमा तक लेन-देन पूरा करने की अनुमति भी दी है। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरानी शासन को मिलने वाली वित्तीय मदद को रोकने के लिए अन्य संस्थाओं और जहाजों पर भी शिकंजा कसा है।

