केरलम में बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए देश का पहला ऐतिहासिक विधेयक पेश, कड़े दंड का प्रावधान

केरलम में बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए देश का पहला ऐतिहासिक विधेयक पेश, कड़े दंड का प्रावधान

केरलम सरकार ने बुजुर्ग नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने, उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार को रोकने और उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से देश का पहला व्यापक विधेयक पेश किया है। विधानसभा में प्रस्तुत ‘केरलम सीनियर सिटीजंस (केयर एंड प्रोटेक्शन आफ राइट्स) बिल, 2026’ के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सुरक्षित और सम्मानित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक कदम से बुजुर्गों की उपेक्षा और शोषण के खिलाफ एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार होगा।

केरलम में बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए देश का पहला ऐतिहासिक विधेयक पेश, कड़े दंड का प्रावधान

कड़े दंड और अपराधों का दायरा

इस नए विधेयक के तहत बुजुर्गों के साथ मारपीट करने, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, उनकी संपत्ति पर अवैध कब्जा जमाने तथा बिना पंजीकरण के किसी भी प्रकार का देखभाल केंद्र चलाने जैसे कृत्यों को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। ऐसा करने वाले दोषियों के लिए तीन साल तक की कैद और 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का सख्त प्रावधान तय किया गया है। इसके अलावा, विधेयक में बुजुर्गों की व्यापक परिभाषा तय करते हुए शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और वित्तीय शोषण के साथ-साथ उनकी बुनियादी जरूरतों की उपेक्षा को भी अपराध माना गया है।

सिल्वर इकोनमी और समर्पित विभाग का गठन

राज्य सरकार वृद्धजनों की बेहतर देखभाल और कल्याण के लिए एक समर्पित विभाग का गठन करने जा रही है। यह विभाग 60 वर्ष से अधिक उम्र के अनुभवी लोगों के अनुभवों का लाभ उठाकर ‘सिल्वर इकोनमी’ को बढ़ावा देगा। सिल्वर इकोनमी उन आर्थिक गतिविधियों, उत्पादों और सेवाओं का एक सिस्टम है जो 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं।

शिकायत निवारण और विशेष सहायता तंत्र

बुजुर्गों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राज्य स्तर पर ‘वरिष्ठ नागरिक संरक्षण इकाई’ और जिला स्तर पर विशेष मंचों की स्थापना की जाएगी। साथ ही, वृद्धाश्रमों, डे-केयर सेंटरों और होम-केयर एजेंसियों के लिए पंजीकरण को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार गंभीर बीमारियों जैसे डिमेंशिया, कैंसर या बिस्तर पर रहने वाले मरीजों के लिए एक विशेष डेटाबेस तैयार करेगी और स्वयंसेवकों का एक मजबूत नेटवर्क भी विकसित करेगी ताकि हर जरूरतमंद बुजुर्ग तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।

Anju Kunwar

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