कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने हाल ही में घोषणा की है कि कांग्रेस पार्टी संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और अन्य आंदोलनों को फंड देगी। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब राजनीतिक हलकों में विरोध प्रदर्शनों की फंडिंग को लेकर बहस छिड़ी हुई है।

एचडी कुमारस्वामी के आरोपों का जवाब
बी.के. हरिप्रसाद का यह बयान केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के उन आरोपों की प्रतिक्रिया के रूप में आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि कर्नाटक सरकार दिल्ली में हो रहे सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों को वित्तीय मदद दे रही है। कुमारस्वामी ने पहले सवाल उठाया था कि बेंगलुरु और अन्य जगहों पर हो रहे इन प्रदर्शनों के लिए फंडिंग कहां से आ रही है।
मंत्रियों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं
इस पूरे घटनाक्रम पर कर्नाटक के अन्य नेताओं की भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। राज्य के मंत्री सतीश जारकी होली ने दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और कांग्रेस के बीच किसी भी तरह के फंडिंग संबंध होने से साफ इनकार किया है। उनका कहना था कि प्रदर्शन में शामिल लोग अपने खर्च का प्रबंधन खुद कर रहे हैं और पार्टी के विरोध कार्यक्रम इससे पूरी तरह से अलग हैं।
पार्टी नेतृत्व का यह स्पष्ट करना कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने के उद्देश्य से ऐसे आंदोलनों को सहयोग दिया जाएगा, राजनीतिक चर्चाओं का मुख्य विषय बन गया है। इस घोषणा के बाद से राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और अधिक तेज हो गया है।

