बेंगलुरु के त्रिनैयनी दुर्गा पूजा में गूंजी ‘नारी शक्ति’ की गूंज

बेंगलुरु के त्रिनैयनी दुर्गा पूजा में गूंजी 'नारी शक्ति' की गूंज

बेंगलुरु में त्रिनैयनी कल्चरल कमेटी द्वारा आयोजित दुर्गाोत्सव 2026 में इस वर्ष महिलाओं की शक्ति, उनके साहस और लचीलेपन को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस भव्य आयोजन का केंद्रीय विषय ‘नारी शक्ति’ रखा गया, जो देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों और दैनिक जीवन में महिलाओं द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों से प्रेरणा लेता है।

बेंगलुरु के त्रिनैयनी दुर्गा पूजा में गूंजी 'नारी शक्ति' की गूंज

दिव्य शक्ति और महिला सम्मान का संदेश

‘त्रिनैयनी’ नाम का अर्थ है तीन नेत्रों वाली देवी, जो दिव्य स्त्री शक्ति और चेतना का प्रतीक है। यह उत्सव महिलाओं के प्रति सम्मान के संदेश को मजबूत करता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मुख्य रूप से महिलाओं ने भाग लिया, जिन्होंने नवदुर्गा के विभिन्न रूपों का मंचन किया और महालया से विजया दशमी तक की यात्रा को दर्शाया। ये प्रस्तुतियां उन माताओं, बहनों और देखभाल करने वालों के जीवन का जश्न मनाती हैं जो परिवार की जिम्मेदारियों को संभालते हुए हर कठिनाई का डटकर मुकाबला करती हैं।

सांस्कृतिक परंपराएं और पारंपरिक व्यंजन

पारंपरिक ढाक की थाप, धुनुची नाच, संगीत और बंगाली व्यंजनों ने इस उत्सव में विशेष रंग भरा। आयोजकों के अनुसार, इस पर्व में न केवल बेंगलुरु में रहने वाले बंगाली हिंदू बल्कि स्थानीय निवासी भी बड़े उत्साह के साथ शामिल हुए। बंगाली व्यंजनों का आनंद और देवी को भोग अर्पित करने की परंपरा इस उत्सव का एक अहम हिस्सा रही, जो क्षेत्रीय संस्कृति को दर्शाती है।

साम्प्रदायिक सद्भाव और आपसी भाईचारा

सार्वजनिक दुर्गा पूजा का यह आयोजन विभिन्न समुदायों को एक साथ लाने का काम करता है। इसमें हिंदू समुदाय के अलावा अन्य धर्मों के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, जो इस उत्सव की समावेशी भावना को उजागर करता है। उत्सव के दौरान सहनशीलता, धैर्य और दृढ़ता जैसे मूल्यों पर जोर दिया गया, जो समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी हैं।

Anju Kunwar

Learn More →