ज्ञानवापी के 1991 के प्राचीन मुकदमे की सुनवाई अब 13 नवंबर को होगी

ज्ञानवापी के 1991 के प्राचीन मुकदमे की सुनवाई अब 13 नवंबर को होगी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में स्थानीय स्तर पर चल रही प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण न्यायपालिका से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सुनवाई प्रभावित हुई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, एमएलसी चुनाव की वजह से शुक्रवार को ज्ञानवापी से जुड़े एक अतिप्राचीन मामले की निर्धारित सुनवाई टालनी पड़ी। अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए नया दिन मुकर्रर किया गया है, और सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्टट्रैक) अभिषिक्ता यादव की अदालत इस प्रकरण पर आगामी 13 नवंबर को सुनवाई करेगी।

ज्ञानवापी के 1991 के प्राचीन मुकदमे की सुनवाई अब 13 नवंबर को होगी

वर्ष 1991 के मुकदमे से जुड़ा है पूरा घटनाक्रम

यह पूरा कानूनी प्रकरण काफी पुराना है और इसका संबंध वर्ष 1991 में दायर किए गए एक मूल मुकदमे से है। इस वाद में मुख्य रूप से दो प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली मांग ज्ञानवापी परिसर के भीतर एक नए मंदिर के निर्माण की है, जबकि दूसरी मांग सनातन धर्म के अनुयायियों को उस परिसर में नियमित रूप से पूजा-पाठ करने का कानूनी अधिकार प्रदान किए जाने से संबंधित है। वर्तमान समय में अदालत के समक्ष इस मुकदमे से जुड़े विभिन्न पक्षों को आधिकारिक तौर पर पक्षकार बनाए जाने के लिए दाखिल किए गए प्रार्थना पत्रों पर विचार किया जा रहा है और इसी बिंदु पर विस्तृत सुनवाई प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

सुन्नी वक्फ बोर्ड ने दिया था सर्वोच्च अदालत के आदेश का हवाला

इस न्यायिक प्रक्रिया के दौरान पूर्व की तारीखों में प्रतिवादी पक्ष के रूप में शामिल सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से अदालत के समक्ष अपनी बात रखी गई थी। बोर्ड के प्रतिनिधियों ने देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व आदेश का हवाला देते हुए अदालत से यह मांग की थी कि इस मामले में अग्रिम या आगे की सुनवाई को फिलहाल रोक दिया जाए। हालांकि, अब तमाम परिस्थितियों और प्रशासनिक कारणों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 नवंबर की तारीख तय की है, जिस दिन आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

Anju Kunwar

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