कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए एक बयान पर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव काफी बढ़ गया है।

पटना के कार्यक्रम में दिया गया बयान
राजधानी पटना में एक सार्वजनिक मंच से बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान उन्होंने कथित वोट चोरी का जिक्र करते हुए नाराजगी जताई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार को लेकर अमर्यादित टिप्पणी कर दी। उनके इस बयान के तुरंत बाद राजनीतिक पारा काफी चढ़ गया और विभिन्न दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
भारतीय जनता पार्टी का तीखा पलटवार
कांग्रेस अध्यक्ष की इस टिप्पणी से बिफरी भारतीय जनता पार्टी ने इसे लेकर मुख्य विपक्षी दल को आड़े हाथों लिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाओं को लांघ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार मिल रही चुनावी हार के चलते कांग्रेस पार्टी हताशा और निराशा के दौर से गुजर रही है।
गृह मंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेताओं की तरफ से प्रधानमंत्री या उनके परिवार के खिलाफ इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया गया हो। चुनावी असफलताओं के कारण पार्टी के पास अब कोई ठोस नीति या मुद्दा नहीं बचा है।
वैचारिक दिवालियापन का आरोप
भाजपा नेतृत्व ने इस पूरी घटना को पार्टी की सोच और शिष्टाचारहीनता का प्रतीक बताया। नेताओं का कहना है कि राजनीतिक विरोध की अपनी एक निश्चित गरिमा होती है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भाजपा नेताओं ने जोर देकर कहा कि जनता इस प्रकार की भाषा और राजनीति का चुनावों में उचित जवाब देती आई है।

