केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने विज्ञापनों में भ्रामक दावे करने और खाने के बिल में जबरन सेवा शुल्क जोड़ने के मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड और दिल्ली स्थित होटल के रेस्तरां ‘मिस्टर चाय’ पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों ने दोनों मामलों में नियमों के उल्लंघन का संज्ञान लेते हुए यह कड़ा कदम उठाया है।

ब्रिटानिया की ‘होल व्हीट ब्रेड’ पर भ्रामक दावे का मामला
प्राधिकरण ने ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की, क्योंकि कंपनी अपनी ‘शत प्रतिशत होल व्हीट ब्रेड’ के विज्ञापनों में ग्राहकों को गुमराह कर रही थी। जांच के दौरान सामने आया कि इस ब्रेड में गेहूं की मात्रा केवल 62 प्रतिशत ही थी और इसमें चावल की भूसी जैसी अन्य सामग्रियां भी मिलाई गई थीं।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियमों के अनुसार ‘होल व्हीट’ शब्द से पहले ‘100 प्रतिशत’ शब्द का इस्तेमाल करने का कोई प्रावधान नहीं है। प्राधिकरण ने अपने आदेश में कंपनी को निर्देश दिया कि वह प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया समेत सभी प्लेटफॉर्म्स से इस विज्ञापन को तुरंत हटाए। साथ ही, कंपनी को पंद्रह दिनों के भीतर इस आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
‘मिस्टर चाय’ रेस्तरां पर जबरन सेवा शुल्क वसूलने पर कार्रवाई
दूसरी ओर, दिल्ली के शांगरी-ला इरोस होटल के रेस्तरां ‘मिस्टर चाय’ पर भी खाने के बिल में जबरन 10 प्रतिशत सेवा शुल्क (सर्विस चार्ज) जोड़ने के कारण एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि रेस्तरां ग्राहकों से जबरन सेवा शुल्क वसूल रहा है।
प्राधिकरण ने रेस्तरां को किसी भी नाम से सेवा शुल्क वसूलना पूरी तरह बंद करने का निर्देश दिया है। इस मामले में होटल के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि उन्होंने अपनी बिलिंग व्यवस्था की समीक्षा कर ली है और एक अक्टूबर से रेस्तरां में सर्विस चार्ज लेना बंद कर दिया गया है, तथा अब बिलों में केवल सरकारी कर ही जोड़े जा रहे हैं।

