पश्चिम बंगाल के उत्तर बंगाल स्थित सिलीगुड़ी शहर में दुर्गा पूजा के उत्सव के दौरान इस साल व्यापारिक कारोबार में गिरावट देखने को मिली है। इस मंदी के कारण स्थानीय व्यापारियों में चिंता का माहौल है, हालांकि वे आगामी त्योहारों के दौरान इसकी भरपाई होने की उम्मीद कर रहे हैं।

कारोबार में आई गिरावट के आंकड़े
सिलीगुड़ी में दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान कुल कारोबार लगभग 110 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 15 करोड़ रुपये कम है। शहर भर के 102 बाजारों और शॉपिंग मॉल में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ने के बावजूद, कपड़े, सजावट, खान-पान, आतिथ्य, परिवहन और पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों के समग्र व्यापारिक आंकड़े उम्मीद से कम रहे।
पूर्वी भारत के चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज फेडरेशन (FCCIEI) के महासचिव सुरजीत पाल ने व्यापारियों के साथ चर्चा के आधार पर यह आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि इस साल मौसम अनुकूल रहने के बावजूद कारोबार 100 से 110 करोड़ रुपये के बीच ही सिमट गया, जबकि पिछले वर्ष खराब मौसम के बावजूद यह आंकड़ा लगभग 125 करोड़ रुपये था।
व्यापार में कमी के मुख्य कारण
कारोबार में आई इस गिरावट के पीछे कई कारण बताए गए हैं। पहले सिक्किम और निचले असम के व्यापारी व्यापार के लिए काफी हद तक सिलीगुड़ी पर निर्भर हुआ करते थे, लेकिन अब विभिन्न कंपनियों द्वारा उन क्षेत्रों में सीधे अपने परिचालन शुरू करने से सिलीगुड़ी पर निर्भरता कम हो गई है। इसके अलावा, क्षेत्र में शॉपिंग मॉल की बढ़ती संख्या और ऑनलाइन ई-कॉमर्स सेक्टर के तेजी से विस्तार को भी स्थानीय खुदरा कारोबार में घाटे का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

उधर, पर्यटन क्षेत्र को भी इस त्योहारी सीजन के दौरान उम्मीद के मुताबिक लाभ नहीं मिल पाया है।
आगामी त्योहारों से उम्मीदें
दुर्गा पूजा का उत्सव समाप्त हो चुका है, लेकिन धनतेरस, दिवाली और काली पूजा जैसे कई महत्वपूर्ण त्योहार अभी बाकी हैं। सिलीगुड़ी का व्यापारिक समुदाय अब भी इस बात को लेकर आशान्वित है कि आने वाले दिनों में व्यापार गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे शुरुआती दौर में हुए घाटे की काफी हद तक भरपाई की जा सकेगी।

