ओमान तट के पास पोत पर ड्रोन हमला, एक भारतीय नाविक की मौत और 13 सुरक्षित बचाए गए

ओमान तट के पास पोत पर ड्रोन हमला, एक भारतीय नाविक की मौत और 13 सुरक्षित बचाए गए

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ओमान के तटीय क्षेत्र में एक मालवाहक पोत को निशाना बनाकर हमला किया गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में गुजरात के रहने वाले एक भारतीय नाविक गंधार नाहिम अजीज की मौत हो गई है। ओमान के कोस्ट गार्ड ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जहाज पर मौजूद अन्य 13 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनेवाल ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह घटना 2 नवंबर को उस समय हुई जब जहाज ओमान के तट के करीब से गुजर रहा था। पोत पर एक अज्ञात हवाई वस्तु से हमला किया गया था, जिसके बाद यह दुखद स्थिति उत्पन्न हुई।

ओमान तट के पास पोत पर ड्रोन हमला, एक भारतीय नाविक की मौत और 13 सुरक्षित बचाए गए

मालवाहक जहाज और यात्रा की जानकारी

केंद्रीय मंत्री और अन्य रिपोर्टों के अनुसार, ‘MSV अल जुसुफी’ नामक यह मालवाहक जहाज गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के सलाया से संबंधित है। यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के हमरियाह बंदरगाह से आवश्यक सामान लेकर गुजरात के पोरबंदर की तरफ आ रहा था। जब यह जलपोत ओमान के तट के पास पहुंचा, तभी एक विस्फोटक ड्रोन या मिसाइल ने इस पर हमला बोल दिया। इस पूरे सफर के दौरान पोत पर कुल 14 भारतीय नाविक सवार थे, जो इस अचानक हुए हवाई हमले की चपेट में आ गए।

ओमान तट के पास पोत पर ड्रोन हमला, एक भारतीय नाविक की मौत और 13 सुरक्षित बचाए गए

बचाव कार्य और राजनयिक प्रयास

ओमान के तटरक्षक बल यानी कोस्ट गार्ड ने तत्परता दिखाते हुए 13 क्रू सदस्यों की जान बचा ली और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। हालांकि, हमले के दौरान गंभीर चोट लगने के कारण भारतीय नाविक गंधार नाहिम अजीज की जान नहीं बचाई जा सकी। वर्तमान में केंद्र सरकार और ओमान में स्थित भारतीय दूतावास वहां के स्थानीय अधिकारियों के निरंतर संपर्क में हैं। इन diplomatic और प्रशासनिक प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सुरक्षित बचाए गए 13 नागरिकों को त्वरित सहायता मिल सके और दिवंगत नाविक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत वापस लाया जा सके। मध्य पूर्व के मौजूदा संघर्ष के कारण मालवाहक जहाजों पर लगातार खतरे मंडरा रहे हैं, जिससे कई भारतीय नाविक भी प्रभावित हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट किया है कि ऐसे युद्धों और हमलों के बीच नागरिक बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखा जाना चाहिए और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

Anju Kunwar

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