केरल के इडुक्की जिले में पुलिस ने आर्थिक तंगी के कारण अपने चार महीने के बेटे को बेचने की कोशिश करने के आरोप में असम के एक प्रवासी दंपती और एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में कुल तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

कंकाप्पना में हुई कार्रवाई
इडुक्की जिले के कांचीकुझी इलाके में काम करने वाले इस दंपती ने कथित तौर पर गंभीर आर्थिक तंगी के चलते अपने बच्चे को बेचने का फैसला किया था। इसके लिए उन्होंने असम के ही रहने वाले जादु गोगी नामक एक व्यक्ति से संपर्क किया। गोगी ने इस मामले में बिचौलिए की भूमिका निभाई और कट्टाप्पना के एक परिचित से संपर्क कर चार लाख रुपये की मांग की। पुलिस के अनुसार, आपसी बातचीत के बाद यह सौदा ढाई लाख रुपये में तय हुआ था।
पुलिस की समय पर एंट्री
सौदे के तहत बच्चे और उसके माता-पिता को कट्टाप्पना लाया गया था। हालांकि, समय रहते पुलिस को इस अवैध गतिविधि की गुप्त सूचना मिल गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चे के माता-पिता और बिचौलिए को दबोच लिया, जिससे बच्चे का सौदा होने से पहले ही उसे सुरक्षित बचा लिया गया।
पुलिस जांच जारी
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस दंपती के कुल तीन बच्चे हैं, जिनमें से बड़े दो बच्चे असम में अपनी आंटी के साथ रहते हैं। कट्टाप्पना थाने के एसएचओ विनोद ने बताया कि बच्चे की गोपनीयता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए माता-पिता की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस घटना के पीछे कोई अन्य दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य तो नहीं था। साथ ही, बिचौलिए की भूमिका और वित्तीय लेन-देन के पहलुओं की भी गहराई से छानबीन की जा रही है।

