ओडिशा में एक गांजा तस्कर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में हरियाणा पुलिस ने कड़ा कदम उठाते हुए पाँच पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई हाँसी सीआईए-1 टीम के उन कर्मियों पर की गई है जिनकी हिरासत में तस्कर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

कर्तव्य में लापरवाही पर एक्शन
हाँसी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार ने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में सीआईए-1 यूनिट के पाँच पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए कर्मियों में सहायक उप-निरीक्षक (ASI) सम्मत, पीएसआई कपिल, ईएचसी जोगिंदर, ईएचसी अर्जुन और कांस्टेबल मुकेश शामिल हैं। इसके साथ ही इस पूरे मामले की गहनता से जाँच करने के लिए विभागीय जाँच के आदेश भी दे दिए गए हैं ताकि सभी पहलुओं का पता लगाया जा सके।
ओडिशा में हुई थी घटना
मृतक तस्कर की पहचान ओडिशा निवासी तनुप दे के रूप में हुई है, जिसका नाम ड्रग तस्करी के एक मामले में सामने आया था। हरियाणा पुलिस की एक विशेष टीम ने उसे ओडिशा से गिरफ्तार किया था और अदालत में पेश करने के बाद पाँच दिन का ट्रांजिट रिमांड हासिल किया था। पूछताछ और प्रक्रिया के दौरान पुलिस टीम ओडिशा के मलकानगिरी जिले में रुकी हुई थी, जहाँ 26 अक्टूबर की सुबह आरोपी ने शौचालय जाने की बात कही और कथित तौर पर अपनी जान दे दी।
कैसे खुला था मामला
पुलिस के अनुसार, इससे पहले हाँसी की सीआईए-1 टीम ने गढ़ी-भटोल रोड पर एक नहर के पास अभियान चलाकर चार लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से भारी मात्रा में लगभग 63.7 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश, मनवीर, विनोद और रवींद्र के रूप में हुई थी। बाद में पकड़े गए आरोपियों की पूछताछ और खुलासे के आधार पर ही ओडिशा के इस ड्रग आपूर्तिकर्ता का नाम सामने आया था जिसके बाद पुलिस टीम उसे पकड़ने गई थी।

