प्रसिद्ध गायक दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अपने बेहद लोकप्रिय डायलॉग ‘पंजाबी आ गए ओए’ के इस्तेमाल को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह देश या दुनिया के किसी भी मंच पर परफॉर्म करते समय इस खास वाक्य को क्यों दोहराते हैं।

छोटी जगह से आने का अहساس
दिलजीत दोसांझ ने बातचीत में कहा कि वह एक बहुत ही छोटे क्षेत्र यानी पंजाब से ताल्लुक रखते हैं और उनकी मातृभाषा पंजाबी रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत स्तर पर पहले से ही कई बड़े और दिग्गज कलाकार मौजूद हैं। ऐसे में जब एक छोटे से इलाके से जुड़ा कलाकार वैश्विक मंच पर पहुंचता है, तो वह भावना अपने आप शब्दों में ढल जाती है।
कोचेला फेस्टिवल से जुड़ी घटना
गायक ने उस पल को याद किया जब यह लाइन पहली बार उनके मुंह से निकली थी। उन्होंने बताया कि कोचेला में परफॉर्म करने के दौरान एक दोस्त ने उन्हें याद दिलाया था कि वैश्विक मंच पर पहली बार बड़े पैमाने पर पंजाबी भाषा गूंज रही है। इसके बाद बिना किसी पूर्व योजना के उनके मुंह से यह बात निकल गई थी, जो बाद में उनकी पहचान और एक लोकप्रिय टैगलाइन बन गई।
पंजाब और देश का रिश्ता
सोशल मीडिया पर अक्सर लोगों द्वारा यह सवाल पूछा जाता है कि वह ‘इंडिया आ गए ओए’ क्यों नहीं बोलते। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब भारत का ही हिस्सा है, इसलिए जब वह अपनी मिट्टी और संस्कृति की बात करते हैं, तो वहो देश का ही प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं।

