महात्मा गांधी आज भले ही सक्रिय राजनीति से दूर हों, लेकिन भारतीय समाज, संस्कृति और जनमानस में अहिंसा, सह-अस्तित्व तथा मानवीय संवेदना के रूप में उनकी गहरी मौजूदगी बनी हुई है।...
आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन और इंटरनेट के कारण सूचनाओं की बाढ़ आ गई है। हालांकि, सही और विश्वसनीय जानकारी की पहचान करना और फर्जी संदेशों से बचना एक बड़ी चुनौती बन गया...
मुंबई पुलिस क्वार्टर में एक बच्चे के शोर से शुरू हुआ मामूली विवाद पुलिस थाने तक पहुंच गया, जो हमें सोचने पर मजबूर करता है कि हम छोटी बातों को जीवन में कितनी बड़ी...
पहले जहां बच्चे अपने परिवार के सदस्यों के सहारे गलियों और चौराहों पर साइकिल चलाना सीखते थे, वहीं अब आधुनिक स्कूलों में इसे एक वैज्ञानिक पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ाया जा रहा है।...
महिलाओं के विवाह की न्यूनतम कानूनी उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल करने से उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य में सुधार की उम्मीद है। इस दूरदर्शी कदम से बाल विवाह रोकने और बेटियों को...
अमेरिका और चीन के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक ने यह साबित कर दिया है कि वैश्विक राजनीति अब नैतिक आदर्शों के बजाय व्यावहारिक और लेन-देन पर आधारित हो चुकी है। इस भू-राजनीतिक बदलाव के...
शेखर गुप्ता के आलेख के अनुसार, भारत में सरकारों के लिए अपने कार्यकाल का तीसरा साल अक्सर कठिन और चुनौतियों से भरा रहा है। राजनीति में नयापन और प्रशासनिक बदलाव ही इस दौर से...
हाल ही में सामने आई एक घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यदि मतदाता 'काम नहीं, तो वोट नहीं' के सिद्धांत को जवाबदेही तय करने का माध्यम बना लें, तो राजनीति...