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इगास लोकपर्व: डा. प्रेमचंद अग्रवाल की शुभकामनाएं और समृद्ध संस्कृति की महत्वपूर्णता

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”आवा! हम सब्बि मिलके इगास मनोला, नई पीढ़ी ते अपणी लोक संस्कृति से जुड़ोला। लोकपर्व इगास हमारु लोक संस्कृति कु प्रतीक च। हमारि नई पीढ़ी भी हमारा पारंपरिक त्यौहारों से जुणि रौ, यु हमारु उद्देश्य च।” इन्हीं शब्दों के साथ क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने बापूग्राम में आयोजित इगास लोकपर्व पर अपनी शुभकामनाएं दीं।

 

गुरुवार को गढ़ सेवा संस्थान ऋषिकेश की ओर से बापूग्राम में लोकपर्व इगाम पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

 

मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि इगास लोकपर्व हमारी समृद्ध संस्कृति की एक महत्वपूर्ण पहचान है। इस पर्व का आयोजन दीपावली के बाद 11वें दिनों तक राज्य में होता है, और इस प्रथा को सदियों से मानी जाती है। गढ़वाल क्षेत्र में इगास को ‘बग्वाल’ के नाम से जाना जाता है, जबकि कुमायूं क्षेत्र में इसे ‘बूढ़ी दीपावली’ कहा जाता है।

 

मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि इगास को पूरे प्रदेश में धूमधाम से मना सकें, इसके लिए हमारी सरकार ने अवकाश की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि लोकपर्व हमारे राज्य की पहचान है, हमें इसकी महत्वता को समझना होगा। कहा कि जनसहभागिता से ही हमारे लोकपर्व का महत्व बढ़ेगा।

। इस दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। साथ ही पहाड़ी व्यंजन कंडाली का काफल, भात, कोदे की रोटी, अरसे, स्वाल, भड्डू दाल का स्वाद लोगों ने चखा। इसके अलावा मंत्री डा. अग्रवाल ने भेलो भी खेला।

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