उत्तराखंड में हनी मिशन योजना के तहत बांटी गई सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल

उत्तराखंड में हनी मिशन योजना के तहत बांटी गई सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल

खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) की हनी मिशन योजना के अंतर्गत उत्तरकाशी जिले के मोरी क्षेत्र में वितरित किए गए बी-बॉक्स, मधुमक्खी कॉलोनियों और टूल किट की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फरवरी 2026 में भद्रासू, नानाई, सुनकुंडी और पांव तल्ला के लाभार्थियों को यह सामग्री दी गई थी, जिसमें विभिन्न प्रकार की खामियां पाए जाने के आरोप लगाए गए हैं।

उत्तराखंड में हनी मिशन योजना के तहत बांटी गई सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल

मधुमक्खी कॉलोनियों और बॉक्स की उपयुक्तता पर तकनीकी आपत्तियां

लाभार्थियों का कहना है कि उन्हें मिलने वाली कुछ मधुमक्खी कॉलोनियां मृत या बीमारी से प्रभावित थीं और कई में रानी मधुमक्खी भी नहीं थी। इसके अलावा, पर्वतीय ठंडे इलाकों के लिए जरूरी तकनीकी मापदंडों की अनदेखी करने का भी आरोप है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पर्वतीय जलवायु के अनुकूल टाइप-बी बॉक्स और उत्तर भारतीय प्रजाति की आवश्यकता होती है, जबकि कथित तौर पर उन्हें अन्य प्रकार की सामग्री उपलब्ध कराई गई।

टूल किट और उपकरणों के मानक पर भी संदेह

योजना के तहत दी गई टूल किट की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। लाभार्थियों का दावा है कि फ्रेम में निर्धारित मानकों के अनुसार स्टेनलेस स्टील के तारों के बजाय सामान्य लोहे के उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही, कई बक्से बिना फीड बॉक्स के दिए गए और उन पर आवश्यक लोगो, नंबरिंग तथा वर्ष भी अंकित नहीं था।

उत्तराखंड में हनी मिशन योजना के तहत बांटी गई सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल

अधिकारियों और विशेषज्ञों द्वारा निरीक्षण

लगातार शिकायतों और पत्राचार के बाद KVIC के राज्य कार्यालय, तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न स्थानों से आए विशेषज्ञों ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। अब इस मामले की तकनीकी रिपोर्ट मुंबई कार्यालय को भेजे जाने की उम्मीद है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई और पर्वतीय परिस्थितियों के अनुरूप सही सामग्री उपलब्ध कराने का निर्णय लिया जाएगा।

Anju Kunwar

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