तेलंगाना में पुराने नोट बदलने का झांसा देने वाला गिरोह गिरफ्तार, 1.38 करोड़ रुपये बरामद

तेलंगाना में पुराने नोट बदलने का झांसा देने वाला गिरोह गिरफ्तार, 1.38 करोड़ रुपये बरामद

तेलंगाना के हनमकोंडा जिले में पुलिस ने पुराने और बंद हो चुके नोटों को बदलने का लालच देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 1.38 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी और अन्य सामान जब्त किया है।

तेलंगाना में पुराने नोट बदलने का झांसा देने वाला गिरोह गिरफ्तार, 1.38 करोड़ रुपये बरामद

गिरोह का खुलासा और गिरफ्तारी

काजीपेट पुलिस ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के आठ सदस्यों को दबोच लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह लोगों को पुराने और चलन से बाहर हो चुके 500 और 1000 रुपये के नोटों को बदलने का झांसा देकर ठगता था। पकड़े गए आरोपियों के पास से प्रतिबंधित नोटों के अलावा एक कार, दस मोबाइल फोन और छह हजार रुपये की वैध मुद्रा भी बरामद की गई है, जबकि एक अन्य संदिग्ध अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

मुख्य सरगना और आरोपियों की पहचान

पुलिस ने प्रेसवार्ता में इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस गिरोह का मुख्य सरगना बेंगलुरु का रहने वाला मुल्ला अब्बास अली उर्फ एमए अली है। इसके अलावा गिरफ्तार किए गए अन्य सदस्यों में बशनेनी मल्लेश, तंगेल्ला कृष्ण मोहन, कुक्कला संपत, रैनाकुला श्रीधर, पल्लापु राजू, मंकाला गणेश और महाकाली श्याम सुंदर शामिल हैं। ये सभी आरोपी अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं और आसान तरीके से पैसे कमाने की चाह में इस गैरकानूनी गतिविधि में शामिल हुए थे।

चेकिंग के दौरान पकड़े गए आरोपी

प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी चेन्नई के एक रियल एस्टेट व्यवसायी रियाज से इन पुराने नोटों को लेकर आए थे और उन्हें बदलने के लिए कार से वारंगल तथा हनमकोंडा की तरफ जा रहे थे। काजीपेट चौराहे पर वाहन जांच के दौरान जब पुलिस ने इनकी गाड़ी को रोकना चाहा, तो वाहन में सवार लोगों ने भागने की कोशिश की। सतर्क पुलिस कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को धर दबोचा। इस सफल अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने की घोषणा भी की गई है।

Anju Kunwar

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