दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर एमडीआर को लेकर व्यापारियों और पेट्रोल पंप संचालकों में विरोध

दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर एमडीआर को लेकर व्यापारियों और पेट्रोल पंप संचालकों में विरोध

आगामी 15 अक्टूबर से दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतानों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू होने के निर्णय से पहले ही देश के कई क्षेत्रों में इसका विरोध देखने को मिल रहा है। व्यापारी वर्ग और विभिन्न पेट्रोल पंप संचालक इस व्यवस्था के खिलाफ लामबंद होने लगे हैं तथा नकद भुगतान पर जोर दे रहे हैं।

दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर एमडीआर को लेकर व्यापारियों और पेट्रोल पंप संचालकों में विरोध

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में विरोध के स्वर

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और झांसी समेत कई इलाकों में दुकानदारों और पेट्रोल पंपों द्वारा डिजिटल भुगतान को लेकर आनाकानी शुरू कर दी गई है। गाजियाबाद में कुछ कन्फेक्शनरी दुकानों और सैलून के बाहर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं, जिनमें ग्राहकों से नकद राशि में भुगतान करने की मांग की जा रही है। वहीं झांसी में कुछ पेट्रोल पंपों पर भी दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान न स्वीकार करने संबंधी सूचनाएं देखी गई हैं। हालांकि स्थानीय एसोसिएशन के अधिकारियों का कहना है कि यह संचालकों के व्यक्तिगत निर्णय हो सकते हैं।

मध्य प्रदेश में ‘नो-यूपीआई दिवस’ का ऐलान

मध्य प्रदेश के इंदौर में लगभग 125 व्यापारी संगठनों ने हाल ही में एक बैठक आयोजित की है, जिसमें आगामी 23 सितंबर को ‘नो-यूपीआई दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला लिया गया है। इस दिन व्यापारी यूपीआई के जरिए किसी प्रकार का लेन-देन नहीं करेंगे। इसके अलावा मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने भी यह घोषणा की है कि उनके पंप 16 अक्टूबर से दो हजार रुपये से ऊपर के यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे।

पेट्रोलियम एसोसिएशन की सरकार से मांग

हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के व्यापारी संगठनों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन और गाजियाबाद पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्त मंत्री और पेट्रोलियम मंत्री को पत्र लिखकर पेट्रोल पंपों को इस शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखने की मांग की है। संचालकों का तर्क है कि पेट्रोलियम उत्पादों में मार्जिन कम होने के कारण उन्हें इस नई व्यवस्था से भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

Anju Kunwar

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