देश में आयोजित 20वें रोजगार मेले के दौरान 51 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा के लिए नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं और उनके परिवारों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के इस माहौल में यह उपलब्धि हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशियां लेकर आई है।

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश एक बड़े लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, जो 2047 तक एक विकसित भारत का निर्माण करना है। सरकारी सेवा में शामिल होने वाले युवाओं पर यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वे ऐसे निर्णय लें जो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के अभियान को निरंतर मजबूत करें। युवा शक्ति के कौशल और प्रतिभा पर आज पूरी दुनिया भरोसा कर रही है, और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन जैसे वैश्विक मंचों पर भी भारतीय युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
कौशल विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम
सरकार की ओर से युवाओं को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने के लिए नेशनल एजुकेशन पॉलिसी, स्किल India Mission और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना जैसे कई प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि देश आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जिसमें केवल बड़े शहर ही नहीं बल्कि टियर-टू और टियर-थ्री शहरों के युवा भी बड़े पैमाने पर नए विचारों के साथ आगे आ रहे हैं। इसके अलावा, प्राइवेट सेक्टर में रोजगार बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना पर भी काम किया जा रहा है।

सरकारी सेवकों का दायित्व और ‘नागरिक देवो भव’
नवनियुक्त कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान सुधारों की गति को बनाए रखना है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देना है। सरकारी सेवा में आने वाले युवाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मिशन कर्मयोगी जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए कर्मचारियों को अपनी कार्यकुशलता और कौशल को लगातार बेहतर बनाने का अवसर मिल रहा है। सरकारी सेवा में ‘नागरिक देवो भव’ का मंत्र अपनाकर नागरिकों की सेवा करना ही राष्ट्र की सच्ची सेवा है।

