उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में धोखाधड़ी के एक मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इन आरोपियों पर फर्जी खतौनी तैयार करके और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर इकरारनामा करने का आरोप है। पुलिस ने मामले की छानबीन करते हुए वांछित चल रहे तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया है।

फर्जी खतौनी से जुड़ा है पूरा मामला
यह मामला बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। बिहारमाननगला निवासी मंसूर खां ने अदालत के आदेश पर दो दिसंबर 2025 को थाना बिथरी चैनपुर में खतौनी में फर्जीवाड़ा करने और 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे।
ऐसे दिया गया था साजिश को अंजाम
पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने तहसीलदार फरीदपुर के आदेश को हटाकर एक फर्जी खतौनी तैयार की थी। इसके बाद उसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर 12 जून 2023 को एक कूटरचित इकरारनामा तैयार किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के तहत 12 लाख रुपये लेकर इसे इलियास खां और अन्य लोगों के पक्ष में पंजीकृत करा दिया गया था।
पुलिस की कार्रवाई
मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी वांछित चल रहे थे। पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए नरियावल तिराहे के पास से मुकदमे में नामजद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान भोजपुर रामनाथ निवासी शहादत हुसैन, उदयपुर जसरथपुर निवासी पप्पू और इस्लाम के रूप में हुई है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए तीनों को जेल भेज दिया है।

