क्या आप भी खुद को अंतहीन कामों के बोझ तले दबा हुआ महसूस करते हैं और ऑफिस से हमेशा तनाव में लौटते हैं? कई बार हमारी दिनचर्या ऐसी हो जाती है जिसमें हम दिन-रात काम तो करते हैं, लेकिन असल में कोई ठोस प्रगति नहीं देख पाते। इस तरह की जीवनशैली को ‘हैम्स्टर-व्हील’ लाइफ कहा जाता है, जिससे बाहर निकलना बेहद जरूरी है।

काम करना रोकें और फैसले लेना शुरू करें
अपने दिन की शुरुआत करने से पहले उस एक मुख्य काम की पहचान करें जो उस दिन को वास्तव में उत्पादक बनाएगा। अपनी ‘टू-डू-लिस्ट’ को तीन हिस्सों में बांटें। पहला हिस्सा वह है जो सिर्फ आप ही कर सकते हैं। दूसरे हिस्से में ‘नॉट-टू-डू-लिस्ट’ बनाएं जिसमें गैरजरूरी मीटिंग्स, कॉल्स और छोटे-मोटे काम शामिल हों। तीसरे हिस्से में उन कामों को हटाएं जिन्हें केवल दूसरों को खुश करने के लिए किया जाता है। खुद से सवाल करें कि यदि वह काम नहीं किया गया तो क्या होगा, और यदि उत्तर ‘कुछ नहीं’ है तो उसे सूची से हटा दें।
कैलेंडर में रखें कुछ खाली जगह
पूरी तरह भरा हुआ कैलेंडर सोचने और योजना बनाने की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ता है। हर दिन कुछ समय ऐसा रखें जो बिना शेड्यूल के हो, ताकि आप सांस ले सकें और सोच सकें। इस दौरान व्यस्तता की बजाय अपने परिणामों को मापें। केवल यह सोचना कि मैंने इतने घंटे काम किया कोई उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह देखना जरूरी है कि उस काम से क्या बदलाव आया।

सोमवार की शुरुआत समीक्षा के साथ करें
सप्ताह के पहले दिन अपने कार्यक्षेत्र पर थोड़ा पहले पहुंचकर खुद से कुछ जरूरी सवाल पूछें। पिछले हफ्ते किस बात ने आपको आगे बढ़ाया, किस चीज ने सिर्फ व्यस्त रखा और इस हफ्ते आप क्या करना बंद कर सकते हैं, इन बातों पर विचार करें। यह तरीका आपकी दिनचर्या को एकतरफा होने से रोकता है। इसके अलावा, अपने भविष्य के लिए रोजाना कम से कम एक घंटा ऐसी गतिविधि में लगाएं जिससे समय के साथ आपको लाभ मिले, जैसे कुछ नया सीखना, व्यायाम करना या अपनी क्षमता बढ़ाना।
दिखावे की व्यस्तता और केवल जीवन को ‘मेंटेन’ करने के बजाय परिणामों और वास्तविक प्रभाव पर ध्यान देना ही असली उत्पादकता है। जब आप केवल काम दिखाने के बजाय ठोस नतीजे देने की दिशा में आगे बढ़ते हैं, तभी आपका जीवन वास्तव में बदलने लगता है।

