दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए आगे आया जिला प्रशासन, मिली वित्तीय सहायता

दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए आगे आया जिला प्रशासन, मिली वित्तीय सहायता

देहरादून जिले में दुर्लभ यानी रेयर डिजीज से पीड़ित बच्चों के उपचार के लिए जिला प्रशासन ने आर्थिक मदद का बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन की ओर से उन बच्चों के इलाज का बीड़ा उठाया गया है जिनके परिवारों के लिए महंगा इलाज कराना बेहद कठिन होता है। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया है कि वित्तीय समस्याओं के कारण किसी भी बच्चे का स्वास्थ्य उपचार न रुके।

दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए आगे आया जिला प्रशासन, मिली वित्तीय सहायता

आरबीएसके योजना और सीएसआर फंड की मदद

स्वास्थ्य योजनाओं के तहत अब तक कुल 32 बच्चों का चिन्हीकरण किया गया है। इनमें से 22 बच्चों का उपचार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से लगातार जारी है। वहीं, जो बच्चे इस योजना के दायरे में नहीं आ पाए, उनके इलाज के लिए जिला प्रशासन ने कॉर्पोरेट सोशल उत्तरदायित्व यानी सीएसआर फंड से 9.60 लाख रुपये की राशि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंप दी है ताकि उनका इलाज सुचारू रूप से चल सके।

विभिन्न क्षेत्रों के बच्चों को मिला लाभ

प्रशासनिक सहयोग और सहायता के माध्यम से जिले के विभिन्न इलाकों के बच्चों को चिकित्सकीय लाभ मिला है। इनमें प्रेमनगर, डोईवाला, रायपुर, मेहूवाला, मांडूवाला और जोगीवाला क्षेत्रों के बच्चे शामिल हैं, जिन्हें सर्जरी और लंबी चिकित्सकीय देखरेख की जरूरत थी। इन सभी बच्चों को देश के विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों में जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए आगे आया जिला प्रशासन, मिली वित्तीय सहायता

अधिकारियों को सख्त निर्देश और मॉनिटरिंग

जिलाधिकारी ने इस पूरी प्रक्रिया की नियमित समीक्षा करने और चिकित्सकीय प्रगति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के रेफरल, दस्तावेज और वित्तीय मंजूरियों से जुड़ी औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं। इसके अलावा, जिले में ऐसे अन्य बच्चों की पहचान करने का काम भी लगातार जारी रखने को कहा गया है ताकि हर जरूरतमंद तक मदद पहुंच सके।

Anju Kunwar

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