अक्सर वीकेंड या छुट्टी के दिन अचानक आया कोई जरूरी काम या बॉस की एक छोटी सी बात हमारे पूरे आराम के समय को तनावपूर्ण बना देती है। इस स्थिति के पीछे एक खास मानसिक सोच जिम्मेदार होती है, जिसे ‘TIM’ यानी थॉट-इन्फ्लुएंस्ड माइंडसेट कहा जाता है। यह मानसिक स्थिति हमारे मूड को खराब करने में मुख्य भूमिका निभाती है।

क्या है TIM और कैसे करता है असर?
मैनेजमेंट गुरु एन. रघुरामन ने अपने एक लेख में बताया है कि जब ऑफिस में बॉस कुछ अधूरा काम देकर चले जाते हैं या कोई चिंता जताते हैं, तो हम उनके शब्दों के इर्द-गिर्द अपने मन में कई तरह की कहानियां बना लेते हैं। हालांकि बॉस की बात सामान्य और वास्तविक होती है, लेकिन हमारा दिमाग उसके अलग ही मायने निकाल लेता है।
मन के भीतर की काल्पनिक कहानियां
तथ्यों का सीधे सामना करने के बजाय हमारा दिमाग खुद हीन भावना या आशंकाओं से जुड़ी बातें गढ़ने लगता है। इसका असर यह होता है कि हम बिना किसी ठोस कारण के तनाव में आ जाते हैं। न केवल हमारा वीकेंड या संडे खराब हो जाता है, बल्कि आने वाले हफ्ते की शुरुआत भी थकान और तनाव के साथ होती है।

कैसे पाएं इस स्थिति से छुटकारा?
इस समस्या का समाधान यह है कि किसी भी घटना या परिस्थिति के होने पर अपने मन को खुद उसका नकारात्मक अर्थ तय करने की अनुमति न दें। जब हम केवल वास्तविक तथ्यों का सामना करते हैं और अपने अंदर चल रही बेबुनियाद बातों को बदलते हैं, तो यह मानसिक दबाव दूर हो जाता है।

