पटना उच्च न्यायालय ने जहानाबाद प्रशासन को लगाई फटकार, बराबर गुफाओं की उपेक्षा पर मांगा जवाब

पटना उच्च न्यायालय ने जहानाबाद प्रशासन को लगाई फटकार, बराबर गुफाओं की उपेक्षा पर मांगा जवाब

पटना उच्च न्यायालय ने जहानाबाद जिला प्रशासन को ऐतिहासिक बराबर गुफाओं की उपेक्षा और कुप्रबंधन को लेकर कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने प्रशासन से पिछले पांच वर्षों के दौरान श्रावणी मेले से प्राप्त राजस्व और उसके स्थायी विकास पर खर्च की गई राशि का पूरा ब्योरा मांगा है। न्यायमूर्ति राजीव रॉय ने 21 सितंबर को पारित अपने आदेश में कहा कि प्रशासन केवल राजस्व जुटाने में रुचि रखता है लेकिन मौर्यकालीन इस स्थल पर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कोई निवेश नहीं किया जा रहा है।

पटना उच्च न्यायालय ने जहानाबाद प्रशासन को लगाई फटकार, बराबर गुफाओं की उपेक्षा पर मांगा जवाब

श्रावणी मेला और याचिका का मामला

यह सुनवाई राजबालव प्रसाद द्वारा दायर एक याचिका पर की जा रही थी, जिन्होंने 2024-25 के बराबर श्रावणी मेले के लिए 1.77 करोड़ रुपये का टेंडर हासिल किया था। 12 अगस्त 2024 को मेले के दौरान हुई एक भगदड़ में सात लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे, जिसके बाद मेले को रोकना पड़ा था। याचिकाकर्ता ने बाद में अक्टूबर 2024 तक पूरी टेंडर राशि का भुगतान कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उस पर देरी से भुगतान के नाम पर जुर्माना लगा दिया गया। अदालत ने इस कार्रवाई को अतार्किक और असंवेदनशील करार दिया है।

स्थायी बुनियादी ढांचे की मांग

अदालत ने कहा कि मेले के दौरान जुटाई गई राशि का उपयोग क्षेत्र के उत्थान, स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर स्थायी बुनियादी ढांचे के निर्माण में किया जाना चाहिए, जो कि अब तक नदारद है। अदालत ने साफ निर्देश दिया है कि केवल मेले के एक महीने के दौरान अस्थायी शौचालय या पानी की सुविधा लगाने वाले शपथ पत्रों को स्वीकार नहीं किया जाएगा, बल्कि स्थायी सुविधाओं का ब्लू प्रिंट पेश करना होगा।

सुरक्षा और आगामी निर्देश

अदालत ने वर्ष 2024 जैसी भगदड़ की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक से स्थायी सुरक्षा उपायों की जानकारी भी मांगी है। इसके अलावा वन, भवन निर्माण और स्वास्थ्य विभागों को भी स्थल सुधार के लिए जवाब दाखिल करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई दो नवंबर को तय की गई है और जहानाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति को गुफाओं का दौरा कर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

Anju Kunwar

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