दुबई से तेलअवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान कॉकपिट में सह-पायलट द्वारा भारतीय पायलट पर हमले की घटना सामने आने के बाद विमानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना के बाद मुख्य रूप से यह सवाल उठा है कि क्या विमान के अंदर कुल्हाड़ी ले जाने की अनुमति होती है और यदि नहीं, तो यह कॉकपिट के भीतर कैसे मौजूद थी।

कॉकपिट में कुल्हाड़ी रखने के नियम
अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) और अमेरिकी एफएए के तय मानकों के अनुसार, 19 से अधिक सीटों वाले सभी व्यावसायिक विमानों के कॉकपिट में कम से कम एक इंसुलेटेड क्रैश एक्स रखना अनिवार्य होता है। सुरक्षा नियमों के तहत लगभग 25 साल पहले इन्हें मुख्य केबिन से हटाकर कॉकपिट में शिफ्ट किया गया था ताकि यह पायलटों की पहुंच के पास रहे। हालांकि, इसका उद्देश्य किसी पर हमला करना बिल्कुल नहीं होता, बल्कि आपात स्थिति जैसे कॉकपिट का दरवाजा जाम होने या आग लगने की स्थिति में रास्ता बनाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
विमान में किन वस्तुओं को ले जाना है प्रतिबंधित
सुरक्षा के लिहाज से यात्रियों को कई प्रकार की वस्तुएं अपने साथ विमान के केबिन या हैंड लगेज में ले जाने की अनुमति नहीं होती है। इन प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में निम्नलिखित चीजें शामिल हैं:
- नुकीली वस्तुएं: चाकू, कैंची और बॉक्स कटर जैसे सामान हैंड लगेज में ले जाना पूरी तरह वर्जित है।
- खेल सामग्री: बेसबॉल बैट, गोल्फ क्लब और हॉकी स्टिक जैसे उपकरण केबिन में ले जाने की अनुमति नहीं होती है।
- ज्वलनशील पदार्थ: लाइटर फ्लूइड, गैसोलीन और किसी भी प्रकार की आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध है।
- औजार और हथियार: स्क्रूड्राइवर, रिंच, टेजर, पेपर स्प्रे और खिलौने वाले हथियार भी सुरक्षा कारणों से केबिन में नहीं ले जाए जा सकते हैं।
यात्रा के दौरान क्या ले जाना है अनुमत
हैंड लगेज और चेक-इन बैगेज के लिए अलग-अलग नियम निर्धारित किए गए हैं। यात्री अपने साथ लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आवश्यक दवाएं केबिन बैग में ले जा सकते हैं, बशर्ते वे निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों। इसके अलावा तरल पदार्थ अधिकतम 100 मिलीलीटर के पारदर्शी कंटेनर में ही अनुमत हैं। कपड़ों, जूतों और सीमित मात्रा में सीलबंद खाद्य पदार्थों को चेक-इन कार्गो बैगेज में ले जाया जा सकता है। वर्तमान में फ्लाईदुबई की इस घटना की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।

