बिहार के भभुआ जिले में विभिन्न वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस आयोजन में भाकपा माले, माकपा और भाकपा के नेता एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी निर्णयों और मतदाता सूची से पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की और इसके विरोध मेंजुलूस निकाला।

समाहरणालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन और जाम
वाम दलों के कार्यकर्ता शहर की विभिन्न सड़कों से मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। जुलूस की शक्ल में आगे बढ़ते हुए इन लोगों ने भभुआ समाहरणालय के मुख्य द्वार को जाम कर दिया और वहां अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त से तुरंत इस्तीफा देने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग उठाई। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
मुख्य मांगें और ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मतदाता सूची से हटाए गए सभी पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ना शामिल था। इसके साथ ही उन्होंने बिहार और बंगाल सहित अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों को रद्द करने और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव कराने की मांग भी रखी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि निर्वाचन आयोग से जुड़े लोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं, जिसे तत्काल प्रभाव से बंद किया जाना चाहिए। विरोध प्रदर्शन के अंत में भाकपा माले की ओर से देश के राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें इन तमाम मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नेता और कार्यकर्ता
इस बड़े विरोध प्रदर्शन में वाम दलों के कई जाने-माने स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें भाकपा माले के जिला सचिव विजय यादव, दुःखी राम, जिला कार्यालय सचिव मोरध्वज सिंह, पिंटू राम, लालजी सिंह, सतवंती देवी, जयप्रकाश निराला, सिगासन राम, ओमप्रकाश साह, मनीष कुमार सिंह, महेंद्र सिंह, छांगुर राम, अनीता देवी और सुरेन्द्र दिनकर शामिल थे।
इसके अलावा, सीपीआई एम के जिला सचिव रंगलाल पासवान, भीम सिंह, रामराज सिंह, बृजेश कुमार सिंह और रामचंद्र प्रसाद ने भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। सीपीआई की तरफ से जिला सचिव प्रो. कमला सिंह, प्रो. त्रिवेणी गुप्ता, रहमान अंसारी तथा ईश्वर लोक सिंह सहित अन्य कई कार्यकर्ता भी इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बने और सभा को संबोधित करते हुए निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

