कर्नाटक के विभिन्न जिलों में मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य के बेलगावी जिले में मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के आरोपों के बाद भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह पूरा मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

बेलगावी और अन्य जिलों में दर्ज हुई शिकायतें
बेलगावी उत्तर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 के बूथ लेवल एजेंट मीरासाब सनदी की शिकायत के आधार पर 30 सितंबर को बेलगावी मार्केट थाने में मामला दर्ज किया गया। इस शिकायत में आरोप लगाया गया कि भाजपा नेता रवि पाटिल और अन्य लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार करके फॉर्म-7 जमा किए, ताकि मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकें। इसके अलावा, यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपितों ने बूथ लेवल अधिकारी पर दबाव बनाया और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी बताकर फोन पर बात कराई तथा हस्ताक्षर करवाए।
सिर्फ बेलगावी ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों से भी ऐसी ही गड़बड़ियों की खबरें सामने आई हैं। बिदर जिले में फॉर्म-7 के जरिए हजारों मतदाताओं को स्थानांतरित दिखाने की शिकायत मिलने पर एक अक्टूबर को 32 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, मैसूरु में भी इसी प्रकार की शिकायतों के बाद भाजपा नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
बेंगलुरु में भाजपा का प्रदर्शन
दूसरी ओर, कर्नाटक भाजपा ने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। पार्टी ने मांग की कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। भाजपा का आरोप था कि इन नेताओं ने राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करके उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किया है। इस दौरान भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र और विपक्ष के नेता आर. अशोक सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे और उन्होंने पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।

