उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस पर एक ग्रामीण के घर में घुसकर लूटपाट करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित व्यक्ति ने इस मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के साथ-साथ प्रदेश के कैबिनेट मंत्री से भी की है, जिसके बाद से यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सिरौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव गौटिया डालचंद की है। यहां रहने वाले मोरपाल नामक व्यक्ति ने पुलिस चौकी के कर्मियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित का आरोप है कि 29 सितंबर की शाम को पुलिसकर्मी उसके घर पर पहुंचे और उससे अवैध रूप से शराब की मांग की।
मोरपाल का कहना है कि जब उसने पुलिसकर्मियों को शराब देने से इनकार किया, तो चार पुलिसकर्मी जबरन उसके घर के भीतर घुस आए। घर की तलाशी लेने के नाम पर उन्होंने कथित तौर पर संदूक का ताला तोड़ दिया। आरोप है कि इस दौरान संदूक में रखे 11,700 रुपये नकद और उसकी पुत्रवधू मोहरश्री की सोने की चेन निकाल ली गई। इसके अलावा, पुत्रवधू के गले से सोने की चेन और मंगलसूत्र में लगी मोतियों की माला भी छीनने का आरोप लगाया गया है.
पुलिस का पक्ष
इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। सिरौली थाने के थानाध्यक्ष रोहित कुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता मोरपाल वास्तव में अवैध रूप से शराब बेचने का काम करता है।
थानाध्यक्ष के अनुसार, पुलिस पर इस प्रकार के झूठे आरोप इसलिए लगाए जा रहे हैं ताकि दबाव बनाकर अवैध शराब का कारोबार जारी रखा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस व्यक्ति के खिलाफ जल्द ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके।

