बिहार में मानवाधिकार मामलों पर सुनवाई के लिए पटना में एनएचआरसी का दो दिवसीय खुला सत्र

बिहार में मानवाधिकार मामलों पर सुनवाई के लिए पटना में एनएचआरसी का दो दिवसीय खुला सत्र

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) बिहार राज्य में मानवाधिकार उल्लंघन के लंबित मामलों की सुनवाई के लिए पटना में दो दिवसीय खुला सत्र और कैंप बैठक आयोजित कर रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्यवाही के दौरान संबंधित राज्य अधिकारियों और शिकायतकर्ताओं का उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है। आयोग वर्ष 2007 से देश के विभिन्न राज्यों में इस तरह की खुली अदालतें और शिविर आयोजित करता आ रहा है ताकि पीड़ितों को न्याय पाने के लिए नई दिल्ली की लंबी यात्रा न करनी पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही सुगमता से न्याय मिल सके।

बिहार में मानवाधिकार मामलों पर सुनवाई के लिए पटना में एनएचआरसी का दो दिवसीय खुला सत्र

सुनवाई का शेड्यूल और बेंच का गठन

पहले दिन एनएचआरसी की पूर्ण पीठ, जिसमें अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम और सदस्य न्यायमूर्ति विद्युत रंजन सारंगी तथा विजया भारती সयानी शामिल हैं, शिकायतकर्ताओं और बिहार सरकार के अधिकारियों की मौजूदगी में मामलों की सुनवाई करेगी। इसके अगले दिन दो अलग-अलग बेंच मामलों की सुनवाई करेंगी। अध्यक्ष की बेंच बंधुआ मजदूरी से जुड़े मामलों को देखेगी, जबकि दूसरी खंडपीठ अनुपालन और मानवाधिकार हनन से संबंधित अन्य शिकायतों की सुनवाई करेगी।

इन प्रमुख मुद्दों पर होगी चर्चा

अपने इस दो दिवसीय दौरे के दौरान आयोग द्वारा कुल 70 मामलों की सुनवाई तय की गई है। इनमें सरकारी स्कूलों में खराब गुणवत्ता वाले और जहरीले मिड-डे मील परोसे जाने के कारण बच्चों के बीमार पड़ने, स्कूल भवन निर्माण, पुलिस की निष्क्रियता या ज्यादती, और स्कूली छात्रों तथा अन्य नागरिकों की मौत से जुड़े संवेदनशील मामले शामिल हैं।

बिहार में मानवाधिकार मामलों पर सुनवाई के लिए पटना में एनएचआरसी का दो दिवसीय खुला सत्र

अधिकारियों और नागरिक समाज के साथ बैठक

सुनवाई सत्रों के पूरा होने के बाद आयोग के प्रतिनिधि विभिन्न नागरिक समाज संगठनों, विचारकों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। इसके अलावा, समापन सत्र के दौरान बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्य से जुड़े गंभीर मानवाधिकार मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पटना में इस प्रकार का पिछला शिविर वर्ष 2016 में आयोजित किया गया था।

Anju Kunwar

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