उत्तराखंड के चम्पावत जिले में आगामी निर्वाचन प्रक्रियाओं को सुचारू बनाने के लिए मतदाता सूची के सत्यापन का कार्य तेजी से शुरू हो गया है। इसके तहत जिला प्रशासन और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूरे अभियान की तिथियों और प्रक्रियाओं की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई।

विशेष बूथ कैंप और घर-घर सत्यापन की तिथियां
जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में बताया गया कि जिले में आठ से दस अक्तूबर तक प्रत्येक मतदान केंद्र पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों के दौरान प्रकाशित ड्राफ्ट रोल का गहन निरीक्षण किया जाएगा। इसके उपरांत, 12 से 20 अक्तूबर तक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से घर-घर जाकर वैध मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।
नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में छूट जाता है, तो उसे फॉर्म छह के माध्यम से जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, मतदाता सूची में दर्ज नामों को हटाने या किसी भी प्रकार के संशोधन के लिए दावे, सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। प्रशासन ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी अपने स्तर पर मतदाता सूची की जांच करने का अनुरोध किया है।
जिले में मतदाताओं की कुल संख्या
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी देवेंद्र अधिकारी ने जानकारी दी कि चम्पावत जिले की दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1,90,988 मतदाता पंजीकृत हैं। इस आंकड़े में 1,00,802 पुरुष और 90,185 महिला मतदाता शामिल हैं। हाल ही में चलाए गए प्रयासों के तहत 3,539 नए पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए हैं, जबकि 1,473 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। बैठक में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के विभिन्न स्थानीय प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

