लास वेगास में आयोजित होने वाली आगामी U23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों की भागीदारी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका ने कई युवा एथलीटों के वीज़ा आवेदन ठुकरा दिए हैं। इस फैसले से अंडर-17 विश्व चैंपियन नेहा सांगवान समेत कई प्रतिभावान खिलाड़ियों का सफर अधर में लटक गया है।

वीज़ा अस्वीकार किए जाने के कारण
बुधवार को जब ये एथलीट साक्षात्कार के लिए दूतावास गए थे, तो उन्हें मौखिक रूप से बताया गया कि उनके वीज़ा इसलिए अस्वीकार किए गए हैं क्योंकि वे बीस वर्ष से कम उम्र के हैं और उनके पास कोई औपचारिक रोजगार नहीं है। इसके तुरंत बाद उनके पासपोर्ट उन्हें वापस लौटा दिए गए। इस स्थिति के सामने आने के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ ने त्वरित कदम उठाते हुए नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास को पत्र लिखा है और मामलों पर पुनर्विचार करने का विशेष आग्रह किया है।
भारतीय कुश्ती महासंघ का पक्ष
भारतीय कुश्ती महासंघ ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यह प्रतियोगिता U23 यानी तेईस वर्ष से कम आयु वर्ग के लिए है, जिसमें भाग लेने वाले पहलवानों की उम्र आमतौर पर अठारह से तेईस वर्ष के बीच होती है। महासंघ ने बताया कि इतने कम उम्र के अधिकांश युवा खिलाड़ी अभी अपने खेल करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और अपनी पढ़ाई या खेल पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, इसलिए वे अभी तक किसी नौकरी में नहीं हैं।
जिन खिलाड़ियों के वीज़ा आवेदन खारिज किए गए हैं, उनमें नेहा सांगवान के अलावा समर्थ गजानन म्हकावे, धीरज कुमार मलिक, सचिन कुमार, निखिल, हरदीप, परवीन, अहिल्या शत्रुघ्न शिंदे और नेहा शर्मा शामिल हैं। इसके अलावा महासंघ ने उन शेष पहलवानों को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की है जिनके साक्षात्कार इसके बाद निर्धारित हैं, क्योंकि वे भी इसी आयु वर्ग से हैं और बेरोजगार श्रेणी में आते हैं।

