सुपौल में चोरी और अवैध गतिविधियों से परेशान ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक से रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग

सुपौल में चोरी और अवैध गतिविधियों से परेशान ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक से रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग

सुपौल जिले के सदर प्रखंड क्षेत्र में चोरी की वारदातों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों में चिंता और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। इस गंभीर समस्या के समाधान और क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है। लोगों का मुख्य उद्देश्य पुलिस प्रशासन की ओर से उठाये जाने वाले कदमों को अधिक मजबूत करना है ताकि बढ़ते अपराधों पर रोक लग सके।

सुपौल में चोरी और अवैध गतिविधियों से परेशान ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक से रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग

अवैध गतिविधियों और चोरी से ग्रामीणों की परेशानी

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इलाके में चोरी की घटनाओं के साथ-साथ नशा और अवैध शराब के कारोबारियों की गतिविधियों के कारण उनकी रातों की नींद उड़ चुकी है। इस प्रकार की अवैध गतिविधियों से आम और निर्दोष लोग भी अनावश्यक रूप से परेशानियों में फंस जाते हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि गश्त के लिए पुलिस की गाड़ी भेजी जाती है, तो वह अमूमन चौराहों पर ही रुकी रहती है, जिससे दूरदराज के इलाकों में अपराधियों को किसी प्रकार का डर नहीं रहता है।

सटीक और योजनाबद्ध छापेमारी की आवश्यकता

ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के सामने अपनी बात रखते हुए यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में पुलिस सही नशेड़ियों और शराब के मुख्य कारोबारियों को पकड़ने में पूरी तरह सफल नहीं हो पा रही है, क्योंकि कई बार निर्दोष लोग ही कार्रवाई की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए अपराधियों तक पहुंचने के लिए एक बेहतर रणनीति की आवश्यकता है।

रणनीतिक स्थानों पर निगरानी की मांग

पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करते हुए विद्यालय परिसरों, पोखरों, धार्मिक स्थलों और चौराहों के आसपास बिना किसी वाहन के योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी करनी चाहिए। इसके अलावा, जिन ग्रामीण क्षेत्रों में एक से अधिक मार्ग आपस में जुड़ते हैं और कई रास्ते निकलते हैं, उन संपर्क सड़कों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ग्रामीणों का मानना है कि इस प्रकार की लक्षित और सुनियोजित कार्रवाई से ही पुलिस अपराध की जड़ तक पहुंच सकेगी और मुख्य अपराधियों को कानून के दायरे में लाया जा सकेगा।

Anju Kunwar

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