भारतीय रिजर्व बैंक ने 13 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का पंजीकरण रद्द किया

भारतीय रिजर्व बैंक ने 13 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का पंजीकरण रद्द किया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में देश की 13 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के पंजीकरण प्रमाण पत्र रद्द करने का बड़ा कदम उठाया है। इस कार्रवाई के बाद ये कंपनियां किसी भी तरह का गैर-बैंकिंग वित्तीय कारोबार नहीं कर पाएंगी। केंद्रीय बैंक ने यह आदेश भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत प्रद शक्तियों का उपयोग करते हुए जारी किया है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने 13 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का पंजीकरण रद्द किया

आरबीआई की इस कार्रवाई से प्रभावित होने वाली कुल 13 कंपनियों में से 11 पश्चिम बंगाल में पंजीकृत थीं, जबकि दो कंपनियां तमिलनाडु से संबंधित थीं। इन कंपनियों के पंजीकरण रद्द होने के बाद अब वे कानूनी रूप से किसी वित्तीय संस्थान का व्यवसाय संचालित करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।

पंजीकरण रद्द होने वाली मुख्य कंपनियां

आरबीआई द्वारा जिन कंपनियों के पंजीकरण रद्द किए गए हैं उनमें नकोदर फाइनेंस, अजीतनाथ स्टील्स, एस्ट्रोल डीलकॉम, भाग्यश्री ट्रेडिंग, बू फाइनेंस कंपनी और ब्रिटेक्स फाइनेंशियल सर्विसेज शामिल हैं। इसके अलावा सजिल विनिमय, भूमिका फिस्कल सर्विसेज, ब्लू माउंट एक्सपोर्ट्स, डेल्टा कैपिटल मार्केट, राजेश फिस्कल सर्विसेज, सरला फाइनेंस और श्रेयांश व्यापार के नाम भी इस सूची में शामिल हैं।

दस कंपनियों ने खुद लौटाए पंजीकरण

केंद्रीय बैंक ने यह भी जानकारी दी है कि कुल 10 एनबीएफसी ने अपने पंजीकरण प्रमाण पत्र खुद ही वापस कर दिए हैं। इन कंपनियों ने व्यवसाय से बाहर होने, विनियामक वर्गीकरण में बदलाव और अपने अस्तित्व को समाप्त करने जैसे विभिन्न कारणों से अपने लाइसेंस सरेंडर किए हैं। इनमें प्रगति फिनकैप, विवरिटी कैपिटल, एचसीएल कॉर्पोरेशन और अन्य कंपनियां शामिल हैं, जिन्होंने नियमानुसार अपने लाइसेंस वापस किए हैं।

Anju Kunwar

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