गाजियाबाद में रविवार को श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी की ओर से पारंपरिक और हर्षोल्लास के साथ भगवान श्री राम की बारात निकाली गई। इस आयोजन में विभिन्न प्रदेशों से मंगाए गए फूलों और कोलकाता के कलाकारों द्वारा सजाए गए भगवान राम के डोले ने मुख्य रूप से श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बारात के दौरान कुल 55 आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने पूरे शहर के माहौल को भक्तिमय बना दिया।

ठाकुरद्वारा मंदिर से शुरू हुई बारात
श्री राम बारात ठाकुरद्वारा मंदिर से आरंभ होकर दिल्ली गेट, चौपला, डासना गेट, रमते राम रोड, टाउन हॉल, घंटाघर और बजरिया समेत कई प्रमुख बाजारों से होते हुए घंटाघर स्थित रामलीला मैदान पहुंची। बारात के स्वागत के लिए स्थानीय बाजारों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी। इस दौरान सूरत से आई झांकी, दिल्ली का जिया बैंड, मथुरा की नपीरी, मेरठ की नृत्य करती राधा-कृष्ण झांकी, विभिन्न शहरों से आए 10 बैंडों के समूह, बग्गियां, शहनाई समूह और ताशे समूहों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कमेटी के कई पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
संजय नगर और राजनगर में रामलीला के विविध प्रसंग
गाजियाबाद के अन्य हिस्सों में भी रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। संजय नगर में श्री आदर्श धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में भगवान श्रीराम द्वारा अहिल्या उद्धार और गंगा लीला का भावपूर्ण मंचन हुआ, जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। लीला के अंत में राम और लक्ष्मण के नगर भ्रमण के दौरान पूरा पंडाल जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।
इसके अलावा, राजनगर की रामलीला समिति द्वारा ताड़का वध और अहिल्या उद्धार का मंचन किया गया। मंचन में दर्शाया गया कि कैसे गुरु विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा के लिए दोनों राजकुमारों ने ताड़का का वध किया और वन मार्ग पर अहिल्या का उद्धार किया। इन सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों को देखने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में राम भक्त पहुंचे थे।

